आर्गेनिक के नाम पर नकली पनीर और गन्ने का जूस, 14 कंपनियों को नोटिस
मुंबई- FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने 14 फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। गलत दावें, लेबलिंग नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की शिकायतों के कारण ये नोटिस भेजा गया है। FSSAI ने इन सभी कंपनियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस पैकेट पर “नो ऐडेड शुगर” का दावा किया गया था। जब इसके इंग्रीडिएंट लिस्ट की जांच की गई, तो उसमें 51% मैंगो पल्प और 49% गन्ने का रस शामिल होना पाया गया। ब्रांड ने पैकेजिंग पर “नेचुरल पनीर” नाम का इस्तेमाल किया था। FSSAI ने पाया कि यह नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2018 के शेड्यूल V के नियमों का उल्लंघन है।
गौर हेल्दी फूड सिल्कन टोफू प्रोडक्ट पर “100% वेज” की टैगलाइन का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा पैकेट पर बिना किसी सटीक वैल्यू या मात्रा को घोषित किए “विटामिन्स से भरपूर” होने का भ्रामक दावा किया गया और “कैंसर-रोधी गुण” जैसे प्रतिबंधित चिकित्सीय दावे भी लिखे गए थे।
रैमन नूडस्क अपने प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर “100% नेचुरल” और “फ्रेशली मेड” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। बाजार में इसे “हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फ्लोर” से बना बताकर प्रमोट किया गया, जबकि सामग्री की सूची में यह “प्रीमियम क्वालिटी व्हाइट फ्लोर” (मैदा) पाया गया।
फेरैरो इंडिया यानी किंडर जॉय प्रोडक्ट के पैकेट पर “मिल्क सॉलिड्स से भरपूर” (रिच इन मिल्क सॉलिड्स) का दावा किया गया था। नोटिस के अनुसार, प्रोडक्ट में इस्तेमाल की गई सामग्री की बनावट इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि इस आइटम में मिल्क सॉलिड्स का हिस्सा सबसे मुख्य या प्रमुख है।
सफोला टोटल हार्ट प्रो कूकिंग तेल के विज्ञापन और पैकेट पर “हार्ट प्रो” जैसे शब्दों और दृश्यों का इस्तेमाल किया गया था, जो बिना किसी अनुमति के दिल की सेहत को फायदा पहुंचाने का संकेत देते हैं। पैकेट पर लिखे “गुड फैट्स बैलेंस” और “लोसॉर्ब” जैसे दावों के लिए भी कंपनी से वैज्ञानिक सबूत मांगे गए हैं।
सोशल मीडिया पर हाइजीन स्टैंडर्ड्स को लेकर मिली एक शिकायत के बाद FSSAI ने बीकानेरवाला को नोटिस जारी किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दुकान के चालू समय के दौरान एक कर्मचारी किचन या सर्विस एरिया के अंदर ही खाना खा रहा था।
IRCTC कैटरिंग सर्विसेज के जरिए सप्लाई किए जाने वाले परम डेयरी के दही और रबड़ी प्रोडक्ट्स में फंगस लगने की ग्राहक शिकायतों के बाद कंपनी जांच के घेरे में आई है।

