जियो आईपीओ से जुटाएगी 37,000 करोड़, सेबी के पास जमा किया कागजात
मुंबई- देश के सबसे चर्चित IPO में से एक माने जा रहे जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के बोर्ड ने 27 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के फ्रेश इश्यू को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर होगी। इश्यू प्राइस बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा।
अंबानी बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO लाया जाएगा। इसके लिए 19 जून को सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज (DRHP) जमा कर दिए गए हैं। कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। इसके अलावा रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा।
मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वहीं, वनतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है, जहां वन्यजीव संरक्षण और जानवरों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा मिलेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने बीएसई और एनएसई को दी सूचना में भी कहा है कि यह आईपीओ आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा।
मुकेश अंबानी ने कहा, “जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है। मैं आपको और सभी संभावित नए निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि जियो का भविष्य और भी उज्ज्वल है।”
आज जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ को पार कर चुका है। कंपनी का 5जी सब्सक्राइबर बेस 26.8 करोड़ से अधिक है, जो चीन के बाहर किसी एक देश के ऑपरेटर के लिए सबसे बड़ा है। जियोएयरफाइबर भी 1.3 करोड़ कनेक्टेड होम्स तक पहुंच गया है और जियो दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड ऑपरेटर बन गया है।

