छोटे शहरों में प्लॉट से मिल रहा बेहतर रिटर्न, जानिए यूपी के कौन से शहर हैं

मुंबई- जमीन और सोना एक ऐसा निवेश है, जो लंबे समय के लिए रखा जाता है। सोने के भाव में उतार-चढ़ाव होता रहता है, पर जमीन के दाम कभी नहीं घटते हैं। हालांकि, इस समय छोटे शहरों में जमीन खरीदी पर बेहतर रिटर्न मिल रहा है।

देश के बड़े शहरों में जमीनों के भाव इतने ऊपर चले गए हैं कि उनमें अब तेजी की गुंजाइश काफी कम है। एक तो इन शहरों में स्पष्ट टाइटल वाली जगह मिलना भी मुश्किल है। दूसरा, इन शहरों में जमीनें इतनी महंगी होती हैं कि उसे खरीदना भी कठिन होता है। ऐसे में देश के उन छोटे शहरों में जमीनें खरीदने में बेहतर रिटर्न मिल सकता है, जहां पर अभी धार्मिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर, हिल स्टेशन, पर्यटन, नए कारोबारी केंद्र या फिर कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट आ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की घोषणा के बाद जमीनों के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। हालांकि, बुलेट ट्रेन के शुरू होने में अभी बहुत समय है।

उत्तर प्रदेश इस समय देश के सभी राज्यों की तुलना में आकर्षण का केंद्र है। यहां पर धार्मिक, पर्यटन और नए कारोबारी केंद्रों के साथ इनफ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार का जोर है। अयोध्या में राम मंदिर के बनने से यहां जमीनों के दाम 15 गुना बढ़ गए हैं। जो जमीन पहले 50 लाख रुपये एकड़ थी, वह अब पांच करोड़ रुपये एकड़ हो गई है। हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा के चेयरमैन बताते हैं कि 2021 में उन्होंने 50 लाख रुपये के भाव से जमीन ली थी। इस साल जो उन्होंने अंतिम बिक्री की, वह पांच करोड़ रुपये थी। उनका मानना है कि यूपी में अभी वृंदावन वाराणसी, हिमाचल में शिमला और पंजाब में अमृतसर ऐसे शहर हैं, जहां जमीनों में निवेश के अपार मौके हैं।

आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र के छोटे शहरों और गोवा में भी जमीनों पर अच्छा फायदा मिला है। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र के दापोली में जनवरी 2023 से लेकर अब तक जमीनों पर 24 फीसदी रिटर्न मिला है। यहीं पर एक अन्य स्थान पर मई, 2021 से लेकर अब तक 29 फीसदी का रिटर्न मिला है। .अलीबाग में पिछले साल अप्रैल से लेकर अब तक जमीनों के दाम 29 फीसदी तक बढ़ गए हैं। गोवा में अक्तूबर, 2022 से लेकर अब तक 36 फीसदी तक का लाभ मिला है।

जानकार बताते हैं कि जमीन खरीदते समय सावधानी बरतनी जरूरी है। आप किसी ब्रांडेड बिल्डर से जगह या प्रोजेक्ट लेते हैं तो आपको उसमें स्पष्ट टाइटल की जगह मिलेगी। साथ ही, सारी प्रक्रिया भी आसानी से और जल्दी होती है। आजकल डिजिटल का जमाना है तो बहुत सारे प्रोजेक्ट के अब डिजिटली भी जांच किए जा सकते हैं।

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