नया और पुराना दोनों टैक्स सिस्टम में आप जुगाड़ लगा कर बचा सकते हैं पैसे
मुंबई- वित्त मंत्री ने 7 लाख की कमाई पर पूरी तरह टैक्स छूट दे दी है। टैक्स स्लैब में बदलाव कर दिया है। 50 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल कर लिया है। ज्यादा आमदनी वालों का हायर सरचार्ज रेट कम कर दिया है और रिटायरमेंट पर मिलने वाले लीव इनकैशमेंट की टैक्स लिमिट बढ़ा दी है।
नए टैक्स सिस्टम में 50,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल कर लिया गया है। यानी 7.5 लाख रुपए तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसको ऐसे समझें… 7.5 लाख रुपए सैलरी पर पहले 50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटा लें। बचे 7 लाख रुपए। 7 लाख रुपए होते ही आप रिबेट के दायरे में आ जाएंगे और पूरी टैक्स छूट मिल जाएगी।
अगर आपकी सैलरी 10, 15 या 20 लाख रुपए है तो आपको सिर्फ 50,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। हम ग्राफिक्स में जानिए स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा लेने के बाद आपको कितना टैक्स देना होगा
अगर आपकी सालाना सैलरी 7 लाख है। अब इसमें 50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन, सेक्शन 80C की अधिकतम छूट 1.5 लाख ले सकते हैं, कुल 2 लाख रुपए। यानी बची 5 लाख की इनकम। सेक्शन 87(A) के तहत 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स माफ है। यानी 7 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं।
इस बार के बजट में पुराने टैक्स ऑप्शन में भी इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं मिली। सालाना 2.5 लाख रुपए से ज्यादा कमाई होने पर इनकम टैक्स देना होगा। अगर आपकी सालाना इनकम 5 लाख से 10 लाख के बीच है तो आपको 20% तक टैक्स चुकाना होगा। इनकम टैक्स कानून में ऐसे कई प्रावधान हैं, जिनसे आप इनकम टैक्स फ्री कर सकते हैं।

