स्पाइसजेट का विमान फिर बाल-बाल बचा, 18 दिन में 8 विमान में दिक्कतें
मुंबई-विमानन कंपनियों की नियामक संस्था DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने बुधवार को नागर विमानन सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी स्पाइसजेट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। DGCA की ओर से यह कार्रवाई कंपनी के विमानों में पिछले 18 दिनों के दौरान आठ बार तकनीकी खरीबी आने की खबरों के बाद की गई है।
DGCA की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि इन घटनाओं की समीक्षा से पता चलता है कि इनमें से अधिकांश घटनाएं खराब आंतरिक सुरक्षा निरीक्षण और अपर्याप्त रख-रखाव के कारण हुई है। ये घटनाएं सिस्टम से संबंधित विफलता के उदाहरण हैं और सुरक्षा मानकों में गिरावट के परिणामस्वरूप हुई घटित हुई हैं।
DGCA की ओर से इस मामले में स्पाइसजेट को जवाब देने के लिए तीन हफ्तों का समय दिया गया है। आपको बता दें कि पिछले साल सितंबर महीने में भी DGCA की ओर से स्पाइसजेट कंपनी के बारे में जारी की गई फाइनेंशियल स्टेटमेंट में इस बात का खुलासा किया गया था कि कंपनी कैश एंड कैरी मोड में चल रही है। कंपनी के सप्लायरों और वेंडरों को नियमित रूप से भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उधर, DGCA की ओर से जारी की गई नोटिस पर केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा है कि सुरक्षा में बाधा डालने वाली छोटी से छोटी त्रुटि की भी गहन जांच की जाएगी और उसे सही किया जाएगा।
वहीं, इस मामले में बुधवार को स्पाइसजेट के एमडी अजय सिंह ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्पाइसजेट 15 साल से सुरक्षित एयरलाइन सेवाएं प्रदान कर रही है। जिन घटनाओं की मीडिया में चर्चा चल रही है वे छोटी-मोटी घटनाएं हैं। महज एक या दो तकनीकी खराबी से जुड़ी घटनाओं को मीडिया में प्रचारित किया जा रहा है, यह ठीक नहीं है।

