मोबाइल हैंडसेट की हो सकती है कमी, चीन, ताइवान में उत्पादन एक साल से प्रभावित

मुंबई– भारत के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरर कोविड-19 की नई लहर से प्रभावित चीन, वियतनाम और ताइवान के साथ आपूर्ति की भारी कमी का सामना कर सकते हैं। चीन का मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब और आर्थिक उत्पादन का केंद्र माना जाने वाले ग्वांग्झू में मार्च 2020 के बाद अब तक का सबसे बड़ा संक्रमण दर्ज किया गया है।  

वियतनाम और ताइवान में भी कोविड के नए मामलों में वृद्धि देखी जा है। दरअसल, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एपल सप्लायर्स फॉक्सकॉन और लक्सशेयर के ऑपरेशंस को वियतनाम में मई में दो हफ्तों के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। चौबीसों घंटे चलने वाली दुनिया की सबसे बड़ी चिपमेकर ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी) ने मजदूरों के लिए शिफ्टों में काम करने की योजना तैयार की है।  

विशेषज्ञों ने कहा कि अगर इन विदेशी हब में स्थिति नियंत्रण में जल्दी नहीं आती है तो जून में भारत की कच्चे माल की आपूर्ति में तेजी से गिरावट आएगी। यह गिरावट तब आएगी जब कंज्यूमर सेंटीमेंट यहां फिर से जिंदा होने की राह पर होगा। भारत को इन तीनों देशों से फोन असेंबली के लिए जरूरी कंपोनेंट्स का 85% से ज्यादा पार्ट्स मिलता है।  

इन देशों में संक्रमण का नया दौर, भारत में स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए अहम पार्ट्स की सप्लाई को बाधित कर देगा। सप्लाई चेन सुधर ही रही थी कि स्थितियां फिर से बिगड़ने लगी हैं। दूसरी कोविड लहर के कारण इस साल स्मार्टफोन शिपमेंट्स का आउटलुक कम से कम 10% डाउनग्रेड हो गया है। 

विश्लेषकों ने कहा कि सप्लाई की कमी से तीसरी लहर भारत के मार्केट ग्रोथ को और नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि, कुछ जानकारों का मानना है कि जून और जुलाई में ऑपरेशन स्थिर रहना चाहिए क्योंकि चीन अब तक ग्वांग्झू में फैले प्रसार को रोकने में सफल रहा है।  

सितंबर 2020 के बाद से वैश्विक उद्योग जगत विशेष रूप से सेमीकंडक्टर्स की कमी से जूझ रहा है। जून और जुलाई 2021 में हालत बिगड़ती नहीं दिख रही है। चीन का मुख्य स्रोत मैन्युफैक्चरिंग आपरेशन सामान्य और मजबूत है। “ग्वांग्झू ऑटोमोटिव और कंज्यूमर सेगमेंट पर ज्यादा फोकस्ड है। लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर कोरोना संक्रमण शंघाई या बीजिंग जैसे प्रमुख मोबाइल बाजारों में फैलता है, तो यह सप्लाई चेन में कमी पैदा कर सकता है।  

वियतनाम में उसकी कुल जनसंख्या का मुश्किल से 1% टीकाकरण हो पाया है और आगे की राह भी कोई खास आशाजनक नहीं दिखाई दे रही है। इन तीनों देशों में वायरस को नियंत्रित करने का अच्छा रिकॉर्ड है। सैमसंग का भारत में अच्छा खासा बैकअप है और यहां से वियतनाम में होने वाले प्रोडक्शन में कमी की भरपाई की जा सकती है। 

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