सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में फोर्थ डाइमेंशन सोल्यूशंस और इसके एमडी पर 2.30 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई
मुंबई– पूंजी बाजार नियामक सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में फोर्थ डाइमेंशन सोल्यूशंस और इसके एमडी अमलेंदु मुखर्जी पर 2.30 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई है। हालांकि सेबी ने यह ऑर्डर मार्च में दिया था, पर कंपनी ने सेबी के खिलाफ सैट में अपील की थी। सोमवार को सैट ने अपील खारिज कर दी और 2.30 करोड़ रुपए भरने का आदेश दिया।
सेबी ने सोमवार को जारी आदेश में कहा कि इस संबंध में उसने रिको इंडिया के शेयरों की जांच की थी। यह जांच अगस्त 2014 से नवंबर 2015 के बीच की गई थी। सेबी ने यह जांच अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (यूपीएसआई) के आधार पर की थी। इसमें इनसाडर ट्रेडिंग पाया गया।
सेबी ने कहा कि जांच में यह पाया गया कि मुखर्जी ने रिको इंडिया के सीओओ और सीएफओ के पर्सनल लाभ को बढाया था। इस वजह से वे यूपीएसआई को एक्सेस कर लिए और साथ ही उनको फाइनेंशियल स्टेटमेंट भी मिल गया। हालांकि फाइनेंशियल स्टेटमेंट में कई बातें गलत भी थीं। सेबी ने पाया कि फोर्थ डाइमेंशन सोल्यूशंस एक वेंडर के साथ साथ रिको का ग्राहक भी था। इसने रिको के शेयरों में कारोबार किया।
सेबी ने जांच में पाया कि फोर्थ डाइमेंशन सोल्यूशंस ने 1.13 करोड़ रुपए का लाभ रिको के शेयरों से कमाया। जब ऑडिटर ने इस संबंध में सवाल किया तो इसके बाद फोर्थ डाइमेंशन ने बाद में अपनी पूरी शेयर होल्डिंग को नवंबर 2015 में बेच दिया। दो ही दिन बाद कंपनी ने सितंबर तिमाही के रिजल्ट जारी करने के लिए बोर्ड मीटिंग बुला ली। सेबी के मुताबिक शेयर होल्डिंग बेचने से फोर्थ डायमेंशन ने 1.16 करोड़ रुपए का नुकसान बचाया। साथ ही शेयरों से कमाई भी इसने की और इस तरह से कुल 2.30 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। सेबी ने इसी आधार पर कंपनी और इसके एमडी पर 2.30 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई। इसके साथ ही शेयर बाजार में कारोबार पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

