लॉकडाउन से मिली मजबूती, अब किराना स्टोरी बेहतर टेक्नोलॉजी के साथ अपग्रेड कर रहे हैं
मुंबई– सुपरमार्केट और शॉपिंग मॉल पूरी तरह से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान बंद कर दिये गये थे। ऐसे में केवल लोकल किराना स्टोर थे जिन्होंने घरों के लिए जरूरी राशन की आपूर्ति को पूरा किया। एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब हालात को देखते हुए ऐसे कई किराना स्टोर हैं जो अब बेहतर टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपग्रेड करने पर विचार कर रहे हैं।
भारत के विभिन्न शहरों में एक सर्वेक्षण में यह पाया गया कि हाइपर-लोकल में एक नया भरोसा है। अब किराना स्टोर मालिक इन चुनौतीपूर्ण समय में आगे बढ़ने के लिए ऑनलाइन डिलीवरी और सप्लाई प्लेटफार्मों के साथ साझेदारी करना चाहते हैं। ईवाई इंडिया पार्टनर-कस्टमर के शशांक श्वेत ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के बीच किराना स्टोर्स बड़े पैमाने पर समुदाय की सर्विसिंग करने वाले स्थानीय गुमनाम नायकों के रूप में उभरे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकल किराना स्टोर मालिकों ने संकट की बदलती मांगों को बनाए रखने और अपनी दिन-प्रतिदिन की आपूर्ति के प्रबंधन के लिए काफी प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से किराना स्टोर मालिकों ने डिजिटल भुगतान, ऑपरेटिंग मॉडल बदलने और टेक्नोलॉजी को गले लगाकर नए इनोवेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाया है, वह बेहद सराहनीय है।
सर्वेक्षण से पता चला है कि हर पांचवें किराना स्टोर मालिक ने ऑनलाइन प्लेटफार्मों का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे माल की लगातार आपूर्ति और डिलीवरी में सहायता मिल रही है। इसके अलावा, महामारी के कारण स्थानीय किराना स्टोर में नए सिरे से भरोसा जगा है। इससे वहां पर जाने वाले नए ग्राहकों में वृद्धि हुई। इसके साथ छोटे शहरों में ऐसे 79 फीसदी और महानगरों में 50 फीसदी स्टोर मालिकों ने बताया कि अनलॉक चरणों के बाद भी उनके स्टोर में नए ग्राहक आ रहे हैं।

