बैंकों की उधारी में 6% की बढ़त, गाडियों और पर्सनल लोन ले रहे हैं लोग
मुंबई– बैंकों की उधारी में 6.05% की बढ़त आई है। जबकि डिपॉजिट में 11.33% की बढ़त आई है। बैंकों की कुल उधारी 105.49 लाख करोड़ रुपए हो गई है जबकि डिपॉजिट 144.82 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यह आंकड़ा 5 से 18 दिसंबर के बीच का है।
इसमें उधारी की मांग में रही तेजी
नवंबर महीने के आंकड़े बताते हैं कि इंडस्ट्री में फूड प्रोसेसिंग, पेट्रोलियम, कोयले के प्रोडक्शन और न्यूक्लियर ईंधन, लेदर और लेदर के प्रोडक्ट, पेपर और पेपर प्रोडक्ट, माइनिंग, ग्लास और ग्लासवेयर, टेक्सटाइल्स, बेवरेजेस और तंबाकू और वाहन और वाहनों के पार्ट और ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट की उधारी में अच्छी बढ़त देखी गई है। यही नहीं पर्सनल लोन में भी अच्छी दिलचस्पी दिखी है।
इन सेक्टर में उधारी की मांग कम रही
रबर, प्लास्टिक और उनके प्रोडक्ट, सीमेंट और सीमेंट के प्रोडक्ट, सभी इंजीनियरिंग, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंफ्रा और मेटल प्रोडक्ट में उधारी की मांग में गिरावट आई है। सेवा सेक्टर में उधारी 8.8 पर्सेंट नवंबर में बढ़ी है जो 2019 के नवंबर में 4.8 पर्सेंट बढ़ी थी। पर्सनल लोन में 10 पर्सेंट की उधारी बढ़ी है जबकि एक साल पहले इसमें 16.4 पर्सेंट की बढ़त थी। गाड़ियों पर लोन में नवंबर में 10 पर्सेंट की ग्रोथ हुई है जो एक साल पहले 4.7 पर्सेंट की ग्रोथ थी।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) यह जानकारी हर पखवाड़े देता है। रिजर्व बैंक ने कहा कि एक साल पहले 20 दिसंबर के पखवाड़े में बैंकों की क्रेडिट 99.47 लाख करोड़ रुपए थी जबकि डिपॉजिट 130.09 लाख करोड़ रुपए थी। इस तरह से उधारी की तुलना में डिपॉजिट में ज्यादा बढ़त रही है।
क्रेडिट ग्रोथ 5.73 पर्सेंट
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 4 दिसंबर को समाप्त पखवाड़े में बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ 5.73% रही थी जो 105.04 लाख करोड़ रुपए थी। डिपॉजिट इसी दौरान 11.34% बढ़कर 145.92 लाख करोड़ रुपए थी। नवंबर में नॉन फूड क्रेडिट में 6% की बढ़त आई है जबकि अक्टूबर में इसमें 7.2 पर्सेंट की बढ़त आई थी। एक साल पहले इसी महीने में इसमें 8.3% की बढ़त आई थी।
नवंबर में कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों को दिए गए कर्ज में 8.5% की बढ़त रही है। एक साल पहले इसी महीने में इसमें 6.5% की बढ़त हुई थी। नवंबर में इंडस्ट्री सेक्टर को दिए जाने वाले कर्ज में 0.7% की गिरावट आई है। पिछले साल इसी महीने में इसमें 2.4% की बढ़त दिखी थी। नवंबर में मीडियम उद्योगों को दी जाने वाली उधारी में 20.9 की जबरदस्त बढ़त देखी गई है। एक साल पहले इसमें 2.4 पर्सेंट की गिरावट थी। सेवा सेक्टर को दिए जाने वाले कर्ज में अक्टूबर महीने में 9.5% की तेजी दिखी थी जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसे 6.5% की तेजी थी।

