सेंसेक्स का 10 महीने में 14 पर्सेंट का घाटा, मई, 2024 के लेवल पर पहुंचा
अजीत सिंह
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार की जारी भारी उठापटक के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्स ने निवेशकों को रुला दिया है। इसने पिछले 10 महीने में निवेशकों को 14 पर्सेंट का घाटा दिया है। इसके साथ ही यह अब 6 मई, 2024 के लेवल पर पहुंच गया है।
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स शुक्रवार को 73,895 के लेवल पर बंद हुआ। इससे पहले यह 6 मई, 2024 को भी इसी स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, उसके बाद इसने पिछले साल एक दिसंबर को 86159 का अब तक का रिकॉर्ड हाई बनाया, लेकिन उसके बाद से इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई है। तब से अब तक यह 14,000 से ज्यादा टूट गया है। यानी 14 पर्सेंट से अधिक का घाटा दिया है। इस दौरान एक लाख रुपये का निवेश 86,000 रुपये रह गया है।
शेयर बाजार में इस साल कंपनियों ने अब तक आईपीओ से एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई हैं। करीब 90 कंपनियां लिस्ट हुई हैं। इसके बावजूद सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 481.88 लाख करोड़ रुपये है। जबकि इस साल 5 जनवरी को यह मार्केट कैप 481.25 लाख करोड़ रुपये था। यानी इसका मतलब यह हुआ कि सैकड़ों कंपनियों के लिस्ट होने और एक लाख करोड़ रुपये जुटाने के बावजूद मार्केट कैप जैसे का तैसे ही है। इसका कारण यह है कि सेंसेक्स में गिरावट से पहले की लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में तेजी से कमी आई है जिससे नई कंपनियों के बावजूद मार्केट कैप उतना ही पड़ा है।
विश्लेषकों का कहना है कि सेंसेक्स में सभी सेक्टर में गिरावट आ रही है। आईटी इंडेक्स से लेकर बैंकिंग, बीमा और अन्य सेक्टरों के शेयरों की भी जमकर पिटाई हो रही है। निवेशकों को तो जमकर नुकसान हुआ है। उनका घाटा सिर्फ सेंसेक्स के 14 पर्सेंट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे ज्यादा घाटा है। कुछ शेयरों ने उनको लहूलुहान कर दिया है। ऐसे में बाजार में निवेश करने के लिए इस समय निवेशकों को सोचना पड़ रहा है।

