जोमैटो से खाना मंगाने पर 20 रुपये तक ज्यादा देने होंगे, स्विगी भी बढ़ाएगी

मुंबई- फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करते समय ‘कैश ऑन डिलीवरी’ यानी डिलीवरी के वक्त नकद भुगतान का ऑप्शन चुनते हैं, तो आपको 5 रुपए ज्यादा देने होंगे। सूत्रों के मुताबिक, अब स्विगी भी इसी राह पर चल सकती है यानी उससे भी खाना मंगाना महंगा होगा। दिखने में यह ₹2 से ₹15 का चार्ज छोटा लगता है, लेकिन ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनियां इन छोटे चार्जेस से ही सालाना ₹3,500 से ₹4,000 करोड़ की मोटी कमाई कर लेती हैं।

यह नया शुल्क एप के बिल समरी में ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ के नाम से अलग से जुड़ेगा। कुछ यूजर्स के एप बिल में यह फीस 7 रुपए से लेकर 20 रुपए तक अलग-अलग भी दिखाई दे रही है। हालांकि, जो यूजर UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल माध्यमों से ऑनलाइन भुगतान करेंगे, उन पर यह एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा।

जोमैटो की ओर से लगाया गया यह नया ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ कंपनी के प्लेटफॉर्म फीस, रेस्टोरेंट पैकेजिंग चार्ज, डिलीवरी चार्ज और GST से अलग है। यानी अब आपको खाने के साथ-साथ पैकेजिंग, डिलीवरी, प्लेटफॉर्म और कैश में भुगतान करने तक के अलग से पैसे देने होंगे।

जोमैटो पर हर दिन करीब 23 से 25 लाख ऑर्डर किए जाते हैं। अगर सिर्फ 5 रुपए का छोटा सा एक्स्ट्रा चार्ज भी लगाया जाए, तो कंपनी को हर दिन 1.25 करोड़ रुपए तक की ज्यादा कमाई हो सकती है। भले ही सभी ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प न चुनें, फिर भी इस फैसले से जोमैटो का मुनाफा सालाना सैकड़ों करोड़ रुपए बढ़ जाएगा।

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की ओर से ऑर्डर पर अलग-अलग शुल्क जोड़ने का सिलसिला नया नहीं है। अप्रैल 2023 में जोमैटो और स्विगी ने सिर्फ ₹2 प्लेटफॉर्म फीस से शुरुआत की थी, जो अब बढ़कर ₹14.99 प्रति ऑर्डर (प्लस 18% GST) हो चुकी है।

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