चलते ई-रिक्शा को बंद करने वाले चाइनीज एप बैन, ब्लूटूथ से बंद होती थी बैटरी
मुंबई- दिल्ली समेत कई शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी बने 7 एप को सरकार ने एप स्टोर से हटाने के आदेश दिए हैं। इनमें BAT-BMS, स्मार्ट BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन शामिल हैं। हालांकि, ये एप प्ले स्टोर पर अब भी मौजूद हैं।
हाल ही में शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग इन एप से ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर चलते ई-रिक्शा को रोक देते थे। इससे चालकों को काफी परेशानी हो रही थी। इन घटनाओं के वीडियो भी वायरल हुए।
दरअसल, कुछ ई-रिक्शा की लीथियम बैटरियों का ब्लूटूथ मैनेजमेंट सिस्टम बिना पासवर्ड या कमजोर सुरक्षा के था, इसलिए एप उससे कनेक्ट हो गया। हालांकि, कारों के बैटरी सिस्टम में मजबूत सुरक्षा और एन्क्रिप्शन होता है, इसलिए कोई सामान्य एप उनसे कनेक्ट नहीं हो सकता।
‘BAT-BMS’ रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है। इसे चीनी कंपनी ‘शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने डेवलप किया है। इसका मुख्य काम ब्लूटूथ-इनेबल्ड लीथियम बैटरी की निगरानी करना है। यह एप बैटरी की ओवरऑल जानकारियां डिस्प्ले करता है। यानी, यह बैटरी का डिजिटल डैशबोर्ड जैसा है।
ई-रिक्शा की बैटरी में चार्जिंग, टेमप्रेचर, वोल्टेज और उसकी हेल्थ पर नजर रखने के लिए ब्लूटूथ वाला बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाता है। ड्राइवर या मैकेनिक BAT-BMS एप के जरिए इस सिस्टम से कनेक्ट हो जाते हैं और बैटरी की जानकारी देख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उसकी सेटिंग्स मैनेज कर सकते हैं। यह 10 से 15 मीटर के दायरे में कनेक्ट हो सकता है। बदमाश इसी का फायदा उठा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर बैटरी असेंबल करने वाले, डीलर्स और कुछ लो-कॉस्ट वाले लीथियम बैटरी मेकर्स जिम्मेदार हैं। भारत में सस्ते ई-रिक्शा पार्ट्स के बाजार में कई ऐसी लीथियम बैटरियां बेची जा रही हैं, जिनके ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को बिना किसी पासवर्ड के खुला छोड़ दिया जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी ने अपने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया हो और कोई भी अंदर आ जाए।

