निफ्टी-50 ने 20 सालों में दिया सालाना दो अंकों में रिटर्न, इतना हुआ मुनाफा
मुंबई- शेयर बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव और निफ्टी 50 के पिछले एक साल के -5.56 प्रतिशत के नेगेटिव भले निवेशकों को चौंका रहे हों, लेकिन लंबे समय में यानी 20 सालों में निवेशकों की बल्ले बल्ले हो गई है।
फंड्सइंडिया ने साल 2000 से 2025 तक के निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (Nifty 50 TRI) के रोलिंग रिटर्न का एक ऐतिहासिक विश्लेषण किया है। अगर आपने निफ्टी 50 में पूरे 20 साल के लिए पैसा लगाया होता कई गुना का फायदा मिलता। इस 20 साल की अवधि में वे निवेशक भी शामिल थे जिन्होंने साल 2000 का डॉट-कॉम क्रैश, 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी जैसी भयंकर गिरावटों को झेला था।
इतनी बड़ी-बड़ी ऐतिहासिक गिरावटों के बावजूद, 20 साल की अवधि में निफ्टी 50 का औसत सालाना रिटर्न 14 प्रतिशत रहा। इस दौरान सबसे बेहतरीन रिटर्न 16 प्रतिशत और सबसे खराब रिटर्न भी 11 प्रतिशत सालाना रहा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने सबसे खराब समय पर भी बाजार में एंट्री ली होती और 20 साल तक टिके रहते, तो भी आपको हर साल कम से कम 11% का रिटर्न आराम से मिलता। यानी सही समय पर एंट्री करने से ज्यादा जरूरी बाजार में टिके रहना है।
शॉर्ट-टर्म में आपकी एंट्री का समय बहुत मायने रखता है। अगर आपने मार्केट क्रैश से ठीक पहले निवेश किया, तो रिटर्न बेहद खराब दिख सकता है और अगर मंदी के ठीक बाद किया, तो रिटर्न बंपर दिखेगा। लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह रिस्क खत्म हो जाता है:
साल 2000 से 2025 के बीच, अगर किसी ने सिर्फ 1 साल के लिए पैसा लगाया, तो उसे अधिकतम 141 प्रतिशत का मुनाफा या न्यूनतम 65 प्रतिशत का भारी नुकसान तक झेलना पड़ा। यही कारण है कि शॉर्ट-टर्म में दो निवेशकों का अनुभव बिल्कुल अलग हो सकता है।
जैसे ही निवेश की अवधि बढ़कर 20 साल हुई, सबसे खराब रिटर्न भी सुधरकर 11% पर आ गया और बेस्ट रिटर्न 16% रहा। यानी समय बढ़ने के साथ अच्छे और बुरे रिटर्न का अंतर बहुत छोटा हो जाता है।

