एजीएम से पहले नोएल टाटा ने पीएमओ और गृह मंत्रालय में दी हाजिरी, यह हुई बात

मुंबई- टाटा ग्रुप के नोएल टाटा ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। मीटिंग में टाटा ग्रुप की मौजूदा स्थिति और चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के पद छोड़ने के फैसले पर चर्चा हुई। कंपनी की एजीएम 18 अगस्त को है और उसके पहले हुई मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही एन चंद्रशेखरन ने साफ कर दिया था कि वह 20 फरवरी 2027 के बाद टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे। नोएल टाटा ने सरकार को टाटा समूह में चल रहे नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया की जानकारी दी। यह बैठक पारसी नववर्ष के सप्ताहांत के दौरान हुई।

इससे पहले भी नोएल टाटा अक्टूबर 2025 और फरवरी 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं। तब एयर इंडिया के भविष्य और ग्रुप से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की मंगलवार, 18 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) पर संकट बना हुआ है। बैठक में सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के प्रतिनिधित्व को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में अगर बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हुआ तो AGM को टाला जा सकता है।

बैठक में कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के निदेशक पद से जुड़े प्रस्ताव समेत कई अहम मुद्दों पर फैसला लिया जाना है। चंद्रशेखरन ने फरवरी में अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद अगले कार्यकाल के लिए नामांकन नहीं कराने का फैसला किया है। टाटा संस के नियमों के मुताबिक AGM में कम से कम पांच सदस्यों का व्यक्तिगत रूप से मौजूद होना जरूरी है। इनमें Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust की ओर से संयुक्त रूप से नामित एक अधिकृत प्रतिनिधि भी शामिल होना चाहिए। चूंकि Sir Ratan Tata Trust फिलहाल बैठकें नहीं कर सकता और कोई फैसला नहीं ले सकता, इसलिए यह नामांकन अभी तक नहीं हो पाया है।

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