एसबीआई ने 1.98 करोड़ से कमाया 5,000 करोड़ रुपये, एनएसई में बेचेगा हिस्सा
मुंबई- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। इस आईपीओ के तहत सात सरकारी कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। इनमें एसबीआई भी है। बैंक ने 1993 और 1999 के बीच औसतन 80 पैसे प्रति शेयर की लागत से एनएसई में हिस्सेदारी खरीदी थी। उसका शुरुआती निवेश 1.98 करोड़ का था। यह रकम अब बढ़कर 5,086 करोड़ रुपये हो गई है।
एनएसई का ₹30,000 करोड़ का इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। एसबीआई इसमें 24,750,000 इक्विटी शेयर बेच रहा है। बुधवार को अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर का बंद भाव ₹2,055 था। इस भाव पर एसबीआई को शेयर बिक्री से लगभग ₹5,086.13 करोड़ का फायदा हो सकता है। इस तरह बैंक को अपने निवेश पर करीब 2,568 गुना मुनाफा होगा।
एसबीआई के अलावा कई सरकारी कंपनियां और विदेशी संस्थान भी अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा फायदा द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को होगा। उसने सबसे कम यानी सिर्फ 32 पैसे के भाव से शेयर खरीदा है। इस तरह उन्हें 6,422 गुना तक रिटर्न मिल सकता है। स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया भी लगभग 11 मिलियन शेयर बेच रहा है। उसकी खरीद लागत 46 पैसे थी और उसे 4,467 गुना रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड, टेमासेक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, अरंडा इन्वेस्टमेंट्स के जरिए लगभग 11.25 मिलियन शेयर बेचकर 33 गुना रिटर्न पाने की तैयारी में है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टेनली को अपने निवेश पर करीब 31 गुना रिटर्न मिल सकता है।
एलआईसी लगभग 11% हिस्सेदारी के साथ एक्सचेंज का सबसे बड़ी शेयरधारक है। लेकिन वह OFS में हिस्सा नहीं ले रही है। एलआईसी ने 1992 में एनएसई के शेयर खरीदे थे और वह अपनी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक एनएसई के आईपीओ में 50% तक शेयर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) को दिए जाएंगे। 35% शेयर रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रखे जाएंगे।
डीआरएचपी के मुताबिक, NSE के 209 सार्वजनिक शेयरधारकों के पास कुल 160.48 करोड़ शेयर हैं, जो कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का 64.84 प्रतिशत हिस्सा है। कंपनी के लिस्ट होने के बाद इन निवेशकों की हिस्सेदारी का बाजार मूल्य सामने आएगा और कई निवेशकों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
देश के जाने-माने निवेशक राधाकिशन शिवकिशन दमानी भी NSE के बड़े व्यक्तिगत शेयरधारकों में शामिल हैं। उनके पास 3.91 करोड़ शेयर हैं, जो कंपनी की 1.58 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। मशहूर निवेशक डॉली खन्ना के पास 15.16 लाख शेयर हैं, जबकि मोतीलाल ओसवाल समूह के सह-संस्थापक रामदेव रामगोपाल अग्रवाल के पास 10 लाख शेयर हैं। इनके अलावा सुनील कांत मुंजाल, एस. गोपालकृष्णन, सिद्धार्थ बालाचंद्रन, वनजा सुंदर अय्यर और सिद्धार्थ अय्यर जैसे कई प्रमुख निवेशकों की भी NSE में हिस्सेदारी है।

