आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में सरकार ओएफएस के जरिये बेच सकती है हिस्सा
मुंबई- विनिवेश के मोर्चे पर सरकार और तेजी ला सकती है। जल्द आधे दर्जन से ज्यादा कंपनियों के ओएफएस आ सकता है। हालांकि स्ट्रैटेजिक विनिवेश के मोर्चे पर रफ्तार धीमी रह सकती है। हर हफ्ते विनिवेश को लेकर समीक्षा बैठक हो रही। इसके लिए सरकार की शॉर्ट टर्म,मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग है।
शॉर्ट टर्म के तहत कंपनियों के OFS पर फोकस है। हाई लेवल कमेटी की सिफारिश के तहत OFS लाए जाएंगे। जल्द ही 6 सरकारी कंपनियों के OFS आ सकते हैं। अब तक 4 कंपनियों के OFS से 13,389.42 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। सेंट्रल बैंक,कोल इंडिया, NHPC,NLC इंडिया का OFS आ चुका है। GIC का भी 3100 करोड़ रुपए का OFS खुला है।
शॉर्ट टर्म में सरकार सरकारी कंपनियों में OFS के जरिए और छोटी-छोटी हिस्सेदारियां बेचेगी। सरकार इस बारे में मर्चेंट बैंकरों से चर्चा कर रही है। इसमें यह तय करने परा चर्चा हो रही है। की ओएफएस में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी कितनी होनी चाहिए। ऑफर की फ्लोर प्राइस क्या होनी चाहिए और इसकी टाइमिंग क्या होनी चाहिए। यह सब तय हो जाने के बाद इन प्रस्तावों को अल्टरनेट मैकेनिज्म यानी मंत्रियों समूह के पास ले जाया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सरकार एक-एक करके ओएफएस लाना शुरू करेगी। पूरे साल में 6 OFS आ सकते हैं।

