मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 40 प्रतिशत घटा, 12 महीने में सबसे कम

मुंबई- वैश्विक अनिश्चितताओं और भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच म्युचुअल फंड निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, इक्विटी-ओरिएंटेड म्युचुअल फंड स्कीम्स में नेट इनफ्लो मई में एक साल के सबसे निचले स्तर 22,908 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह निवेश अप्रैल में दर्ज 38,440 करोड़ रुपये से 40 फीसदी कम रहा। निवेश में कमी के बावजूद, इक्विटी म्युचुअल फंड्स में लगातार 63वें महीने शुद्ध निवेश का सिलसिला जारी रहा।

इक्विटी फंड्स में निवेश घटने के बावजूद, SIP निवेश मजबूत बना रहा। महीने के दौरान SIP के माध्यम से 30,954 करोड़ रुपये का निवेश आया। हालांकि मंथली SIP इनफ्लो में मामूली गिरावट देखने को मिली। अप्रैल में यह 31,115 करोड़ रुपये था। इससे पहले मार्च में SIP निवेश 32,087 करोड़ रुपये से घटा था, और उसी नरमी का रुझान मई में भी जारी रहा।

हालांकि, लगातार दूसरी बार मासिक योगदान में कमी आने के बावजूद, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्युचुअल फंड उद्योग की ग्रोथ इंजन बनी रहीं। मई में SIP के तहत एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) बढ़कर 17.12 लाख करोड़ रुपये पहुंच गईं, जो उद्योग के कुल AUM का लगभग 21 फीसदी हिस्सा है।

म्युचुअल फंड उद्योग में मई में कुल मिलाकर 64,131 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज हुई जबकि अप्रैल में 3.22 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था। इसकी मुख्य वजह डेट ओरिएंडेट स्कीम्स से 96,948 करोड़ रुपये की निकासी रही। इसके परिणामस्वरूप, उद्योग की एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) मई के अंत में घटकर 81.6 लाख करोड़ रुपये रह गईं, जो एक महीने पहले 81.92 लाख करोड़ रुपये थीं।

AMFI के आंकड़ों के अनुसार, मई में इक्विटी-ओरिएंटेड म्युचुअल फंड स्कीम्स में शुद्ध निवेश 22,908 करोड़ रुपये रहा। यह अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपये, मार्च में 40,450 करोड़ रुपये, फरवरी में 25,978 करोड़ रुपये और जनवरी में 24,028 करोड़ रुपये था। ताजा निवेश मई 2025 के बाद सबसे कम है जब इक्विटी म्युचुअल फंड में 19,013 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था।

इक्विटी योजनाओं में ‘फ्लेक्सी-कैप’ फंड में सबसे ज्यादा 5,175 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, इसके बाद ‘स्मॉल कैप’ फंड में 4,945 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लार्ज कैप फंड में तुलनात्मक रूप से कम 1,593 करोड़ रुपये का निवेश आया। दूसरी ओर, टैक्स वाली इक्विटी योजनाओं (ELSS) में मई में शुद्ध निकासी देखी गई।

इस बीच, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETFs) में मई में 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई जबकि अप्रैल में इसमें 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया था। यह इस एसेट क्साल में निवेशकों की कम होती रुचि को दर्शाता है। साथ ही, साल 2026 में यह पहली बार है जब गोल्ड ईटीएफ से शुद्ध निकासी दर्ज की गई है।

डेट-ओरिएंटेड म्युचुअल फंड्स में मई के दौरान तेज बदलाव देखने को मिला और इनमें 96,949 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इसके विपरीत, अप्रैल में इन फंड्स में करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का मजबूत निवेश आया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *