चांदी में आ सकती है और गिरावट, लेकिन लंबे समय में 150 प्रतिशत का रिटर्न

मुंबई- ऑल-टाइम हाई से चांदी की कीमतों में करीब 44 फीसदी की गिरावट आ चुकी है और तकनीकी संकेत बताते हैं कि आने वाले महीनों में इसमें और कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर भी साबित हो सकती है।

केडिया एडवाइजरी का मानना है कि फिलहाल चांदी एक करेक्शन फेज में है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन महीनों में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विश्लेषकों के मुताबिक, चांदी इस समय 62.55 डॉलर के महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमतें 54 डॉलर से लेकर 48 डॉलर तक फिसल सकती हैं। 48.60 डॉलर का स्तर सबसे मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जहां दोबारा खरीदारी लौट सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, 53-54 डॉलर का दायरा चांदी के लिए अहम सपोर्ट क्षेत्र है। वहीं दूसरी ओर 70 डॉलर का स्तर एक मजबूत रुकावट साबित हो सकता है। यदि कीमतें इस स्तर के आसपास पहुंचती हैं तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है और तेजी पर ब्रेक लग सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि चांदी में मजबूत तेजी की वापसी तभी मानी जाएगी जब कीमतें 78 डॉलर के ऊपर साप्ताहिक क्लोजिंग देने में सफल हों।

केडिया एडवाइजरी फिलहाल चांदी पर ‘अंडरवेट’ रुख बनाए हुए है। ब्रोकरेज का मानना है कि यदि कीमतें 70 से 73 डॉलर के दायरे में पहुंचती हैं तो वहां बिकवाली की रणनीति अपनाई जा सकती है। नीचे की ओर 62 डॉलर, 53-54 डॉलर और 48.60 डॉलर के स्तर महत्वपूर्ण लक्ष्य माने जा रहे हैं।

हालांकि निकट अवधि में कमजोरी की आशंका जताई गई है, लेकिन लंबी अवधि को लेकर तस्वीर काफी सकारात्मक बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2027 से 2029 के बीच शुरू होने वाले अगले बुल रन में चांदी की कीमतें 120 डॉलर से 170 डॉलर तक पहुंच सकती हैं।

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