विदेशी निवेशकों के बाद अब रिटेल निवेश भी बिकवाल, 5,803 करोड़ के शेयर बेचे
मुंबई-6 साल तक बाजार को संभालने वाले रिटेल निवेशक अब नेट सेलर बन गए हैं। वित्त वर्ष 2026 में इन्होंने 5,803 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए हैं। वित्त वर्ष 2025 में रिटेल निवेशकों ने 1.25 लाख करोड़ रुपए की खरीदारी की थी। बाजार जानकारों का कहना है कि हाई वैल्यूएशन, जियोपॉलिटिकल टेंशन और मार्केट के उतार-चढ़ाव की वजह से रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बना रहे हैं।
आईपीओ बाजार में रिटेल निवेशकों का क्रेज बरकरार है। वित्त वर्ष 2025 में इन्होंने आईपीओ बाजार में 34,336 करोड़ रुपए का निवेश किया था। वहीं, वित्त वर्ष 2026 में इन्होंने आईपीओ बाजार में 42,608 करोड़ रुपए डाले।
वित्त वर्ष 2025 में हर महीनें औसतन 17.5 लाख नए निवेशक जुड़े। वहीं, वित्त वर्ष 2026 में हर महीने जुड़ने वाले नए निवेशकों की संख्या गिर कर 13.5 लाख पर आ गई। वित्त वर्ष 2025 में एनएसई में कुल निवेशकों की संख्या 11.3 करोड़ थी जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़ कर 12.9 करोड़ पर आ गई।
ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि बाजार तो गिरा है लेकिन इक्विटी पर भरोसा कायम है। रिकॉर्ड SIP इनफ्लो जारी है। गोल्ड-सिल्वर का नया आकर्षण बन गया है। FY26 में 6 साल बाद रिटेल निवेशक नेट सेलर बने हैं। 6 साल लगातार खरीदारी के बाद रिटेल अब नेट सेलर बने हैं। हाई वैल्यूएशन देखकर रिटेल ने मुनाफा वसूला है। नए निवेशक जुड़ने की रफ्तार धीमी हुई है।
वित्त वर्ष 2025 में रिटेल निवेशकों ने सेकेंडरी मार्केट (कैश) में 1.25 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था। वहीं, 2026 में ये आंकड़ा 5,803 करोड़ रुपए के बिकवाली में बदल गया। वहीं, प्राइमरी मार्केट की स्थिति कुछ दूसरी रहा। वित्त वर्ष 2026 में आईपीओ बाजार में रिटेल निवेशकों की खरीदारी वित्त वर्ष 2025 की तुलना में ज्यादा रही।

