फ्लिपकार्ट को आरबीआई ने दिया कर्ज देने का लाइसेंस, अब कंपनी देगी लोन
मुंबई- वॉलमार्ट की स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से लेंडिंग लाइसेंस मिल गया है, जिससे अब कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों और विक्रेताओं को सीधे लोन दे सकेगी। यह पहली बार है जब RBI ने किसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी को नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) का लाइसेंस जारी किया है। इस लाइसेंस के तहत फ्लिपकार्ट कर्ज (loan) दे सकती है, हालांकि वह ग्राहकों से जमा (डिपॉजिट) नहीं ले सकेगी।
अधिकांश ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फिलहाल बैंकों और एनबीएफसी के साथ साझेदारी में लोन की सुविधा देते हैं, लेकिन लेंडिंग लाइसेंस मिलने से फ्लिपकार्ट अब सीधे लोन दे सकेगी। यह मॉडल कंपनी के लिए अधिक फायदेमंद माना जा रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने फ्लिपकार्ट फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को 13 मार्च को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया, जो किसी कंपनी को आधिकारिक रूप से NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) के रूप में मान्यता देने वाला दस्तावेज होता है। केंद्रीय बैंक के अप्रूवल लेटर के अनुसार, फ्लिपकार्ट ने 2022 में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। न तो फ्लिपकार्ट और न ही भारतीय रिजर्व बैंक ने रॉयटर्स के टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया दी।
रिपोर्ट में बताया गया कि लोन सेवा की शुरुआत को लेकर अंतिम फैसला कई आंतरिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। इनमें प्रमुख प्रबंधन पदों पर नियुक्तियां, बोर्ड सदस्यों की चयन प्रक्रिया और व्यावसायिक योजना को अंतिम रूप देना शामिल है।

