सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: 8 साल में एक लाख का निवेश बना 3.21 लाख रुपये
मुंबई- सोने की कीमतें हाल में रिकॉर्ड एक लाख रुपये प्रति दस ग्राम को पार कर गई हैं। इससे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। 8 वर्षों में उनको तीन गुना का फायदा मिला है और वह भी करमुक्त है। इसके अलावा 2.5 फीसदी सालाना ब्याज भी मिला है।
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) 2017-18 सीरीज के भुनाने वाले मूल्य की घोषणा की है। इसकी परिपक्वता अवधि 9 मई है। इस बॉन्ड को 12 मई, 2017 को जारी किया गया था। एसजीबी जारी होने की तारीख से आठ साल की समाप्ति पर भुनाया जाता है। इस इश्यू के गोल्ड बॉन्ड धारक मालामाल हो गए हैं, क्योंकि हाल में कुछ शहरों में सोने की कीमतें एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार हो गईं थीं। आरबीआई ने कहा, 10 से 12 मई तक अवकाश रहेगा, इसलिए परिपक्वता अवधि 9 मई को ही पूरी होगी। इसकी गणना 28 अप्रैल, 2025 – 02 मई, 2025 के सप्ताह में सोने के बंद भाव के आधार पर की गई है। उस आधार पर एसजीबी की प्रति यूनिट कीमत 9486 रुपये होगी।
मई, 2017 में एसजीबी 2017-18 सीरीज के लिए इश्यू का भाव 2,951 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया था। ऑनलाइन खरीदारी पर 50 रुपये की छूट थी। उनके लिए इश्यू भाव 2,901 रुपये होगा। इस आधार पर निवेशकों को आठ वर्षों में 221 फीसदी या 3.3 गुना का रिटर्न मिला है। इसके अलावा सालाना बॉन्ड की होल्डिंग पर 2.5 फीसदी की दर से ब्याज भी मिलता है।
एसजीबी धारक को मिलने वाली परिपक्वता राशि कर मुक्त होगी। मान लीजिए कि आपने 25 ग्राम सोना लेने के लिए 2,951 रुपये के निर्गम मूल्य के आधार पर 73,775 रुपये का निवेश किया। परिपक्वता पर आपको 9,486 रुपये के अंतिम मूल्य के आधार पर 2,37,150 रुपये मिलेंगे। इस प्रकार आपको 1,63,3675 रुपये का लाभ करमुक्त मिलेगा।
आरबीआई भारत सरकार की ओर से सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) जारी करता है। ये बॉन्ड सोने के ग्राम में अंकित होते हैं और समय-समय पर ब्याज देते हुए भौतिक सोना रखने का विकल्प प्रदान करते हैं। अगर सोने की बाजार कीमत गिरती है तो पूंजी कम होने का जोखिम हो सकता है। हालांकि, निवेशक को सोने की उन इकाइयों के मामले में नुकसान नहीं होता है जिनके लिए उसने भुगतान किया है।

