ठगों ने अब मिंत्रा को भी नहीं बख्शा, ऑर्डर देकर 50 करोड़ रुपये ठग लिए

मुंबई- ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी मिंत्रा को करोड़ों की ठगी का शिकार होना पड़ा है। जयपुर के एक गिरोह ने कंपनी के रिफंड सिस्टम का गलत फायदा उठाया। मार्च से जून के बीच बेंगलुरु में ही Myntra को 1.1 करोड़ रुपये का चूना लगा है। देशभर में यह नुकसान 50 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

ठगों ने ब्रांडेड जूते, कपड़े, बैग, कॉस्मेटिक्स, घड़ियां और गहने जैसे महंगे सामान का ऑर्डर दिया। डिलीवरी के बाद, उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि सामान कम मिला, गलत मिला या फिर बिल्कुल नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने रिफंड की मांग की। Myntra के ऐप में ही शिकायत दर्ज करने की सुविधा का फायदा उठाकर ठगों ने कंपनी को चूना लगाया।

Myntra ने बेंगलुरु पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, लगभग 5,529 फर्जी ऑर्डर के जरिए कंपनी को नुकसान पहुंचाया गया। ये ऑर्डर बेंगलुरु के अलग-अलग पतों पर डिलीवर किए गए थे। रिफंड अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कंपनी को देशभर में लगभग 50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लेकिन, बेंगलुरु पुलिस ने Myntra को केवल शहर में हुई डिलीवरी से जुड़े मामलों की ही शिकायत दर्ज करने की सलाह दी।

ठग Myntra के ऐप या पोर्टल के जरिए बल्क में ऑर्डर करते थे। पेमेंट ऑनलाइन या कैश-ऑन-डिलीवरी के जरिए किया जाता था। एक बार पार्सल मिलने के बाद, वे Myntra के ऐप पर ही शिकायत दर्ज कराते थे। कभी सामान कम मिलने की शिकायत होती, तो कभी नकली या गलत सामान मिलने की। कई बार तो यह भी दावा किया जाता था कि ऑर्डर ही नहीं मिला।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मान लीजिए किसी ने 10 जोड़ी ब्रांडेड जूते ऑर्डर किए। पार्सल मिलने के बाद वह शिकायत करता कि उसे सिर्फ 5 जोड़ी ही मिले हैं। बाकी 5 जोड़ी के पैसे वापस मांगता। इसी तरह, कपड़ों के साइज या रंग को लेकर भी शिकायतें की जाती थीं और रिफंड मांगा जाता था।

Myntra Designs के एन्फोर्समेंट ऑफिसर, सरदार एमएस ने पुलिस को बताया कि कंपनी को बेंगलुरु के विभिन्न पतों पर डिलीवर किए गए लगभग 5,529 फर्जी ऑर्डर से नुकसान हुआ है। ऑडिट के दौरान इस धोखाधड़ी का पता चला। ठगों ने रिफंड अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए थे। Myntra पूरे देश में हुए नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती थी। लेकिन, शहर की पुलिस ने उन्हें केवल बेंगलुरु में हुई डिलीवरी से जुड़े मामलों की ही शिकायत दर्ज करने की सलाह दी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जयपुर, राजस्थान का एक गिरोह इस धोखाधड़ी के पीछे है। ज्यादातर फर्जी ऑर्डर जयपुर से ही किए गए थे। डिलीवरी का पता बेंगलुरु और दूसरे बड़े शहरों में दिया जाता था। अक्सर ये पते दुकानों, चाय की दुकानों और किराना स्टोर जैसे व्यावसायिक स्थान होते थे।

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