फेसबुक के ग्राहकों के डाटा हो सकते हैं चोरी, कंपनी ने चेताया
मुंबई- फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने यूजर्स को चेताया है। कंपनी का कहना है कि 10 लाख से ज्यादा यूजर्स ने अपने फोन में अनजाने में ऐसे ऐप डाउनलोड किए हैं, जो उनके पासवार्ड चुरा रहे हैं। इन ऐप को यूजर्स के सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का डेटा चुराने के लिए डिजाइन किया गया है।
मेटा ने अब तक 400 से ज्यादा ऐसे ऐप्स की पहचान की है। मेटा का कहना है कि 400 से ज्यादा ऐप्स को एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों ही स्मार्टफोन से डेटा चुराने के लिए डिजाइन किया गया है। ये ऐपल और प्लेस स्टोर पर मौजूद भी हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये ऐप फेसबुक लॉगइन जानकारी और यूजर्स की डिटेल्स चुराते हैं। इन्हें फोटो एडिटर, गेम्स, वीपीएन सर्विसेसज, बिजनेस और दूसरे यूटिलिटी ऐप्स की तरह डिजाइन किया गया है। इस वजह से लोग जाल में फंसकर इन ऐप्स को डाउनलोड कर लेते हैं।
ऐसे ऐप्स आकर्षक तस्वीरों के सहारे लोगों का ध्यान खींचते हैं। इतना ही नहीं यूजर्स को विश्वास में लेने के लिए इन पर फेक रिव्यू भी छपे हुए हैं। इसकी मदद से ये निगेटिव रिव्यू को छिपाने में कामयाब होते हैं। मेटा सिक्योरिटी टीम के मुताबिक, ये ऐप्स यूजर्स से फीचर्स को यूज करने के लिए फेसबुक अकाउंट लॉगइन की डिमांड करते हैं। जैसे ही कोई यूजर फेसबुक या किसी दूसरे प्लैटफॉर्म से लॉगइन करता है। ऐप्स उसके यूजरनेम और पासवार्ड चोरी कर लेते हैं।
मेटा ने बताया है कि वे लोगों को इन ऐप्स के बारे में आगाह कर रहे हैं। ऐसे लोग जिन्होंने इन ऐप्स को डाउनलोड किया है, मेटा उन्हें अलर्ट कर रही है, जिससे कंज्यूमर्स इन ऐप्स को डिलीट करके बच सकेंगे। जब इन ऐप के जरिए आपका पासवर्ड चोरी हो जाता है तो आपकी सारी जानकारी किसी दूसरे के हाथ में होती है।
फर्जी ऐप्स और सही ऐप्स के बीच में लॉगइन के आधार पर अंतर कर पाना मुश्किल है। कई ऐसे वैध ऐप भी हैं, जो यूजर्स से फेसबुक या फिर दूसरे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स का लॉगइन मांगते हैं। अगर कोई ऐप आपसे उसे इंस्टॉल करने से पहले ही लॉगइन मांगे, तो उसे डाउनलोड ना करें। इसके अलावा ऐप्स को डाउनलोड करने से पहले उसके पब्लिशर और दूसरी डिटेल्स को भी चेक करना चाहिए।

