हैपिएस्ट माइंड का माइंड हुआ हैप्पी, 702 करोड़ के आईपीओ को मिला एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का आवेदन
मुंबई-हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी के आईपीओ को जबरदस्त रिस्पांस मिला है। कंपनी इस आईपीओ से 702 करोड़ रुपए जुटाना चाहती थी। इश्यू के आखिरी दिन यानी बुधवार को उसे एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के लिए आवेदन मिला। उसका इश्यू 151 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू ने बाजार में अन्य आईपीओ के लिए रास्ता आसान कर दिया है।
बता दें कि सोमवार को हैपिएस्ट माइंड का आईपीओ खुला था। बुधवार को बंद हुआ। इसे रिटेल निवेशकों की ओर से बेहतरीन रिस्पांस मिला। कंपनी ने 2.3 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किया था। इसके बजाय इसे 351 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिला। रिटेल निवेशकों ने रिजर्व हिस्से की तुलना में 70.6 गुना पैसा लगाया। एनआईआई ने 351 गुना पैसा लगाया। क्यूआईबी ने अपने हिस्से की तुलना में 77 गुना पैसा लगाया।
इस आईपीओ में 110 करोड़ रुपए फ्रेश इश्यू से जुटाया गया। जबकि प्रमोटर अशोक सूटा और सीएमडीबी ने ऑफर फॉर सेल के तहत शेयर बेचकर पैसे जुटाए। इस आईपीओ का मूल्य दायरा 165 से 166 रुपए तय किया गया था। इसके लिए अधिकतम बिड 166 रुपए पर ही आई है। एंकर निवेशकों ने भी इसी मूल्य पर पैसा लगाया है।
166 रुपए के मूल्य दायरे की बात करें तो इश्यू 23.6 गुना प्रति शेयर आय पर ट्रेड कर रहा है। इसका मार्केट कैप 2,438 करोड़ रुपए होगा। छोटी आईटी कंपनियों की तुलना में इसका मार्केट कैप थोड़ा प्रीमियम पर है। दरअसल डिजिटल सेवाओं और मजबूत प्रमोटर बैकग्राउंड की वजह से उम्मीद है कि यह कंपनी आगे बेहतर प्रदर्शन करेगी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस और एंजल ब्रोकिंग ने इस शेयर को खरीदने की सलाह निवेशकों को दी थी।
यह एक छोटे आकार की आईटी कंपनी है। वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का 96.6 प्रतिशत रेवेन्यू डिजिटल सेवाओं से आया है। इससे उम्मीद है कि आनेवाले समय में कंपनी को डिजिटल सेवाओं से अच्छा रेवेन्यू आएगा। कंपनी का फोकस ग्राहकों को एक आसान डिजिटल अनुभव देने का है।
वित्त वर्ष 2018-20 के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 698 करोड़ रुपए रहा है। हालांकि कंपनी ने 2018 में 22.5 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा पेश किया था। वित्त वर्ष 2019 में 14.2 करोड़ और 2020 में इसे 71.7 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है। दो साल में ही कंपनी घाटे से उबर कर 71 करोड़ के लाभ में आ गई। जून तिमाही में इसका रेवेन्यू 177 करोड़ रुपए और लाभ 50 करोड़ रुपए रहा है।

