अप्रैल से पहले आ जाएगा LIC का IPO, फिर दिया भरोसा
मुंबई- वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि LIC का IPO अप्रैल से पहले इसी वित्तवर्ष में आ जाएगा। LIC के IPO से सरकार को 80 हजार करोड़ से एक लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। बिना इसके विनिवेश का लक्ष्य पाना मुश्किल है। हालांकि सरकार ने अगले साल में विनिवेश से केवल 65 हजार करो़ड़ रुपए ही जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब कि ज्यादा कंपनियों में हिस्सेदारी नहीं बेची जाएगी।
विनिवेश विभाग के मुताबिक, सरकार ने इस साल में विनिवेश से केवल 9,329 करोड़ रुपए जुटाया है। 35,116 करोड़ रुपए उसे लाभांश से मिले हैं। इस साल में सरकार ने विनिवेश से लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपए का रखा था। इसके लिए LIC के IPO का आना बहुत जरूरी है।
इससे पहले इसी हफ्ते में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के चेयरमैन एम आर कुमार का कार्यकाल सरकार ने एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। सरकार चाहती है कि देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग में कोई परेशानी न आए। इसके अलावा, सरकार ने मैनेजिंग डायरेक्टर राजकुमार का कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ा दिया है।
LIC चेयरमैन का यह दूसरा एक्सटेंशन है। पिछले साल जून में उन्हें LIC के IPO के मद्देनजर 9 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। सरकार ने एमआर कुमार का कार्यकाल 30 जून, 2021 से बढ़ाकर 13 मार्च, 2022 कर दिया था। इस एक्सटेंशन के बाद एम आर कुमार मार्च 2023 तक LIC के चेयरमैन बने रहेंगे। LIC के IPO इश्यू साइज का 10% तक पॉलिसीधारकों के लिए रिजर्व है।
देश के सबसे बड़े IPO को लाने के लिए LIC एक्ट 1956 में बड़े बदलाव किए गए हैं। कितने शेयर बेचे जाएंगे और वह किस प्राइस बैंड में होंगे, यह अब तक तय नहीं हुआ है। सरकार LIC के IPO इश्यू साइज से 10% शेयर पॉलिसी होल्डर्स के लिए सुरक्षित रखेगी।
LIC ने कहा है कि IPO में हिस्सा लेने के लिए पॉलिसी धारक चेक कर लें कि रिकॉर्ड में दिए पैन की जानकारी सही है या नहीं। अगर सही नहीं है तो वह पैन की जानकारी को अपडेट कर लें। LIC के पॉलिसी होल्डर्स को IPO में रिजर्वेशन भी दिया जाएगा।
10% हिस्सेदारी बेचने से LIC ग्लोबल लेवल पर दूसरी सबसे बड़ी बीमा कंपनी बन जाएगी। अगर आपने LIC की पॉलिसी ले रखी है और आप इसके IPO में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपको LIC में अपना पैन अपडेट कराना जरूरी है। LIC ने कहा है कि IPO में हिस्सा लेने के लिए पॉलिसी धारक चेक कर लें कि रिकॉर्ड में दिए पैन की जानकारी सही है या नहीं। अगर सही नहीं है तो वह पैन की जानकारी को अपडेट कर लें।

