दो साल बाद भी इनकम टैक्स रिटर्न अपडेट कर सकते हैं, पर टैक्स देना होगा
मुंबई- बजट में इनकम टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ा ऐलान शामिल है। टैक्स एक्सपर्ट्स इसे इनकम टैक्स के लिहाज से बड़े रिफॉर्म के रूप में देख रहे हैं। दरअसल, यह ईमानदार टैक्सपेयर्स को सरकार की तरफ से बड़ी राहत देने की कोशिश है।
इनकम टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद दो साल तक उसे अपडेट कर सकेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि इनकम टैक्स रिटर्न से संबंधित एसेसमेंट ईयर के दो साल तक रिटर्न में संशोधन किया जा सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि अतिरिक्त इनकम पर बकाया इंट्रेस्ट और टैक्स पर अतिरिक्त 25 से 50 फीसदी टैक्स टैक्सपेयर्स को चुकाना होगा।
बजट में इस ऐलान से टैक्सपेयर्स को बहुत राहत मिलेगी। अभी इस तरह की सुविधा नहीं होने से ईमानदार टैक्सपेयर्स को दिक्कत होती थी। अगर गलती से वे किसी इनकम को बताने से चूक जाते हैं तो फिर उन्हें नोटिस आने का डर सताता था।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह नया प्रावधान होगा। इसके लिए इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139 में एक नया सब सेक्शन (8A) शामिल किया जाएगा। अभी टैक्सपेयर्स को संबंधित एसेसमेंट ईयर की 31 दिसंबर की तारीख तक अपनी इनकम की सही जानकारी देने के लिए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न भरने की इजाजत मिलती है। बजट में हुए ऐलान से अब टैक्सपेयर्स को अपनी गलती सुधारने के लिए दो साल का वक्त मिल जाएगा।
नए प्रावधान के तहत किसी तरह के जुर्माने का प्रावधान नहीं है। लेकिन, टैक्सपेयर को आईटीआर में बताई गई अतिरिक्त इनकम पर लगने वाले टैक्स पर टैक्स का भुगतान करना होगा। इसमें शर्त यह है कि टैक्सपेयर्स की इनकम टैक्स लायबिलिटी में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब है कि आप अगर रिटर्न में किसी इनकम के बारे में बताना भूल गए हैं तो आपको उस इनकम को रिटर्न में शामिल करने की इजाजत मिलेगी। लेकिन, अगर आपको लगता है कि आपने रिटर्न में किसी ऐसी इनकम के बारे में बताया है, जिसका वजूद नहीं है यानी गलती से ऐसा हुआ है तो फिर आपको अपने रिटर्न को अपडेट करने की सुविधा नहीं मिलेगी।

