रेखा झुनझुनवाला के निवेश वाली कंपनी के प्रमोटर में फूटमफाट, यह है कारण
मुंबई- फैशन रिटेल कंपनी Baazar Style Retail में प्रमोटर ग्रुप के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। 25 सितंबर की AGM में रोहित केडिया को डायरेक्टर बनाए रखने के प्रस्ताव पर करीब 68% प्रमोटर वोट खिलाफ पड़े। वहीं, श्रेयांस सुराना को लेकर प्रमोटर ग्रुप ने पूरा समर्थन दिखाया।
कंपनी में इस साल ऊपर से काफी बदलाव हुए हैं। चेयरमैन दो बार बदले। दो प्रमोटर-डायरेक्टर बोर्ड से बाहर हो गए। अगस्त में तीन और डायरेक्टरों ने भी दो दिनों के अंदर इस्तीफा दे दिया। Baazar Style Retail को पांच परिवार प्रमोट करते हैं। इनमें सुराना, केडिया, अग्रवाल, प्रसाद और गुप्ता परिवार शामिल हैं।
कंपनी में दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला के परिवार की भी हिस्सेदारी है। राकेश झुनझुनवाला ने 2018 में कंपनी में निवेश किया था। यह निवेश कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने से कई साल पहले हुआ था। 30 जून 2026 तक रेखा झुनझुनवाला के पास कंपनी की करीब 3.33% हिस्सेदारी थी। यह करीब 25.3 लाख शेयरों के बराबर है।
फरवरी में रोहित केडिया को चेयरमैन बनाया गया था। करीब सात महीने बाद उनकी जगह श्रेयांस सुराना को चेयरमैन बना दिया गया। इसके बाद 24 सितंबर को केडिया ने होल-टाइम डायरेक्टर के पद से भी इस्तीफा दे दिया। खास बात यह है कि अगले ही दिन AGM में उनकी डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्ति पर वोटिंग होनी थी।
केडिया की दोबारा नियुक्ति पर कुल 2.079 करोड़ प्रमोटर वोट पड़े। इनमें 1.412 करोड़ वोट उनके खिलाफ थे। यानी 67.93% प्रमोटर वोट प्रस्ताव के विरोध में गए। सिर्फ 66.7 लाख प्रमोटर वोट उनके समर्थन में पड़े। इसके उलट श्रेयांस सुराना की दोबारा नियुक्ति पर पड़े सभी 2.079 करोड़ प्रमोटर वोट उनके पक्ष में गए।
इसके अलावा 84.2 लाख प्रमोटर शेयरों से दोनों प्रस्तावों पर वोट नहीं किया गया। सभी शेयरधारकों को मिलाकर देखें तो 77.76% वोट केडिया की दोबारा नियुक्ति के खिलाफ पड़े। इससे साफ है कि केडिया को लेकर सिर्फ पब्लिक या संस्थागत निवेशकों में ही विरोध नहीं था। प्रमोटर ग्रुप में भी उनके पक्ष में एकराय नहीं दिखी।
रोहित केडिया ने चेयरमैन रहते हुए FY27 तक प्राइवेट लेबल की हिस्सेदारी 65% करने का लक्ष्य रखा था। वहीं, श्रेयांस सुराना ने जिम्मेदारी संभालने के बाद कंपनी के विस्तार, टेक्नोलॉजी, कर्मचारियों और गवर्नेंस पर जोर दिया है।

