म्यूचुअल फंड बेचने वालों पर होगी कार्रवाई, एम्फी ने कहा 30 सितंबर तक पूरा करें
मुंबई- एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (MFDs) को एक आखिरी रिमाइंडर जारी किया है। इसमें उनसे कहा गया है कि वे 30 सितंबर, 2026 तक इंडस्ट्री बॉडी के पास अपने आधिकारिक सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों की जानकारी अपडेट करें। यह अपील एक साल से की जा रही है।
यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के उस निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें एम्फी से म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों की सही जानकारी रखने को कहा गया है। एम्फी ने कहा, “सोशल मीडिया से जुड़ी पूरी और सही जानकारी रखना और उसे सार्वजनिक करना सेबी के निर्देश के तहत जरूरी है।
एम्फी ने सभी म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स से कहा है कि वे अपने एआरएन पोर्टल (ARN Portal) या केवाईडी पोर्टल (KYD Porta) पर अपने सभी सोशल मीडिया खातों की जानकारी दर्ज करें। इसमें यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम, फेसबुक पेज का लिंक, वेबसाइट, टेलीग्राम, वाट्सएप चैनल या लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया की जानकारी देनी होगी।
सेबी को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स फिनफ्लुएंसर्स की तरह काम करते हुए पक्के रिटर्न का दावा या निवेश संबंधी सुझाव दे रहे हैं। इसके बाद एम्फी हर सोशल मीडिया खाते को संबंधित एआरएन से जोड़ने की प्रक्रिया कर रहा है। अगर किसी खाते की जानकारी दर्ज नहीं है और वहां म्युचुअल फंड से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है, तो इसे गलत बिक्री के तौर पर देखा जा सकता है।
घोषणा में यह पुष्टि करनी होगी कि म्युचुअल फंड से जुड़ी सभी जानकारी केवल दर्ज किए गए सोशल मीडिया खातों के माध्यम से ही साझा की जाती है। इसके बाद संबंधित विकल्प पर टिक करना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसमें ARN के नवीनीकरण में दिक्कत, EUIN मैपिंग में परेशानी और AMC की ओर से कमीशन रोके जाने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

