हवाई किराये में चलेगी एयरलाइंस की मनमानी, जितना चाहें उतना किराया लें
मुंबई- त्योहारों के सीजन में विमानन कंपनियों की ही मनमानी चलने वाली है। वे जितना चाहें उतना किराया ग्राहकों से वसूल सकती हैं। सिविल एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार फेस्टिव सीजन के दौरान हवाई किरायों पर कोई ऊपरी सीमा या कैप नहीं लगाएगी।
मंत्री के मुताबिक, सरकार लगातार एयरलाइंस कंपनियों के साथ संपर्क में रहती है और उनके साथ रेगुलर बैठकें की जाती हैं। बैठकों में कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि त्योहारों के मौकों पर किरायों को रीजनेबल लेवल पर रखा जाए, ताकि त्योहारों पर सफर करने वाले आम यात्रियों को सीधा फायदा मिल सके।
फेस्टिवल सीजन में अचानक डिमांड बढ़ जाती है। एयरलाइंस कंपनियां डायनेमिक प्राइजिंग मॉडल पर काम करती हैं, जिससे सीटें तेजी से भरने पर किराया अपने आप बढ़ता है। इसके अलावा इस बार वेस्ट एशिया में चल रहे संकट की वजह से भी एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है।
राममोहन नायडू के अनुसार, एयरलाइंस के कुल फेयर यानी टिकट की लागत का 40% से 43% हिस्सा सिर्फ ATF यानी फ्यूल का होता है। यही वजह है कि जेट फ्यूल की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी होते ही टिकट के दाम सीधे बढ़ जाते हैं।

