कायजाद भरूचा ही होंगे एचडीएफसी बैंक के एमडी, चंदा कोचर मामले से बागची का कटेगा पत्ता
मुंबई- एचडीएफसी बैंक में नए एमडी और सीईओ को लेकर चल रही प्रक्रिया में बैंक के डीएमडी कायजाद भरूचा सबसे आगे हैं। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई उन्हीं के नाम पर मुहर लगा सकता है। जबकि आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी अनूप बागची को डीएमडी पोस्ट मिल सकती है।
दरअसल, किसी बैंक के चेयरमैन के पोस्ट के लिए बैंकिंग अनुभव बहुत जरूरी है। बागची लाइफ इंश्योरेंस से पहले आईसीआईसीआई बैंक में 6 साल तक ईडी रहे हैं। वे उस समय ईडी थे, जब बैंक की कमान चंदा कोचर के हाथ में थी। हालांकि चंदा कोचर बैंक को 2018 में छोड दी थीं और बागची 2017 में नियुक्त हुए थे। कहा यह जा रहा है कि उस समय चंदा कोचर ने जो कुछ भी बैंक में घोटाला किया, अनूप बागची को उन मामलों में जानकारी रखनी थी क्योंकि सब कुछ बैंक के अंदर हो रहा था।
दूसरी बात, बागची का बैंकिंग कार्यकाल केवल 6 साल का रहा है। उससे पहले वे आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के सीईओ थे। ऐसे में कम अनुभव और चंदा कोचर के मामले के चलते बागची को एचडीएफसी जैसे बड़े बैंक की कमान मिलने की संभावना न के बराबर है।
दूसरी ओर, कायजाद भरूचा लंबे समय से एचडीएफसी बैंक में हैं। वे बैंक की सभी गतिविधियों से परिचित हैं और बैंक की स्थितियों को सुधारने में वे कामयाब हो सकते हैं। भरूचा इस समय डीएमडी हैं और वे एमडी की रेस में सबसे आगे हैं। कहा जा रहा है कि आरबीआई भरूचा के ही नाम पर मुहर लगाने वाला है, भले ही 15 साल वाला नियम उनके पक्ष में न हो।
बैंक के बोर्ड ने RBI को दो नाम भेजे हैं। इनमें डिप्टी MD कैजाद भरूचा और ICICI Prudential Life Insurance के MD और CEO अनूप बागची का नाम शामिल है। दोनों के नाम तीन साल के कार्यकाल के लिए भेजे गए हैं। मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। RBI फिलहाल दोनों नामों पर विचार कर रहा है।
कैजाद भरूचा 1995 से HDFC Bank से जुड़े हैं। 2014 में वह बैंक के होल-टाइम डायरेक्टर बने और 2023 से डिप्टी MD हैं। वह रिटेल एसेट्स, मॉर्गेज, कॉरपोरेट बैंकिंग, बिजनेस बैंकिंग और रूरल बैंकिंग जैसे कारोबार देखते हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से बैंक के मौजूदा सिस्टम और कारोबार की अच्छी समझ रखने वाला नेतृत्व जारी रह सकता है।
बागची के पास रिटेल, MSME, कॉरपोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और फाइनेंशियल सर्विसेज का लंबा अनुभव है। RBI फिलहाल उनकी उम्मीदवारी की जांच कर रहा है। केंद्रीय बैंक ने उनकी उम्मीदवारी पर IRDAI और ICICI Bank से भी फीडबैक मांगा है। इसकी वजह पिछले करीब तीन साल से उनका मेनस्ट्रीम बैंकिंग से बाहर होना बताया गया है।
ऐसा होने पर भरूचा अपने मौजूदा अनुभव के साथ बैंक की कमान संभालेंगे। वहीं बागची को HDFC Bank के कारोबार और कामकाज को समझने का समय मिल सकता है। आगे चलकर वह CEO की भूमिका संभाल सकते हैं। नए CEO को बड़े मर्जर के बाद तैयार हुई HDFC Bank की बैलेंस शीट के साथ काम करना होगा। डिपॉजिट ग्रोथ, फंडिंग कॉस्ट, नेट इंटरेस्ट मार्जिन, लोन ग्रोथ और रिटर्न जैसे मुद्दे बैंक के लिए अहम रहेंगे।

