एनएसई का आईपीओ 21 सितंबर से, शेयर ग्रे मार्केट में 200 रुपये ऊपर कर रहे ट्रेड
मुंबई-NSE के आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। इसे सेबी की हरी झंडी मिल गई है। यह मेगा आईपीओ 21 सितंबर से खुल सकता है। हालांकि, अभी तारीख तय नहीं है लेकिन इसका प्राइस बैंड अगले हफ्ते घोषित हो सकता है।
NSE ने सेबी के पास 17 जून, 2026 को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। करीब एक दशक पहले एनएसई ने आईपीओ पेश करने की कोशिश की थी। लेकिन, रेगुलेटरी मसलों की वजह से इश्यू को मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
एनएसई का शेयर BSE पर लिस्ट होंगे। आरएचपी फाइलिंग 8 सितंबर को हो सकती है। प्राइस बैंड का ऐलान 11 सितंबर को हो सकता है। एक हफ्ते बाद इश्यू बाजार में आ सकता है। शेयरों की लिस्टिंग 25 सितंबर को हो सकती है।
गैर लिस्टेड बाजार में एक्सचेंज के बाजार पूंजीकरण के आधार पर इस आईपीओ का आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस तरह यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इसकी तुलना में, ह्युंडै इंडिया ने 2024 में आईपीओ के जरिये लगभग 28,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।
अनलिस्टेडजोन के आंकड़ों के अनुसार असूचीबद्ध बाजार में एनएसई के शेयर करीब 1975 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कारोबार कर रहे थे, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण 4.88 लाख करोड़ रुपये बैठता है। एक्सचेंज में 10.72 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) इस पेशकश में हिस्सा नहीं ले रही है और वह अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगी।
एक्सचेंज के आईपीओ में 14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी, जो एनएसई के पेड-अप कैपिटल का करीब 6 फीसदी है। चूंकि, एक्सचेंज इस इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई की वैल्यूएशन के आधार पर यह आईपीओ करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है।
इस आईपीओ में सबसे ज्यादा शेयर एसबीआई ग्रुप बेच रहा है। एनएसई का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, कैश और डेरिवेटिव के ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में यह एनएसई से काफी पीछे है।

