पेट्रोल में 25 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की योजना टल सकती है, माइलेज घटने का दावा

मुंबई- पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। इसे जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू किया दा सकता है।

सरकार ने शुरुआत में साल 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्लान बनाया था। लेकिन इस टारगेट से बहुत पहले ही E20 फ्यूल (80% पेट्रोल और 20% एथेनॉल) को पूरे देश में स्टैंडर्ड पेट्रोल के रूप में लागू कर दिया गया है और अब हर जगह यही पेट्रोल मिल रहा है।

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी ARAI के मुताबिक, पुरानी E10 कंप्लायंट गाड़ियों में E20 ईंधन का इस्तेमाल करने से फ्यूल सिस्टम के रबर पार्ट्स खराब हो सकते हैं। महज तीन साल में एथेनॉल ब्लेंडिंग दोगुनी होने से कई उपभोक्ताओं ने गाड़ियों के माइलेज में भारी गिरावट की शिकायत की है। इसके अलावा, पुरानी गाड़ियों के इंजन और फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स खराब होने की आशंकाओं ने भी सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

वाहन मालिकों की सबसे बड़ी शिकायत माइलेज को लेकर है। पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने से गाड़ियों का माइलेज कम हुआ है। इसके अलावा, जिन लोगों के पास पुरानी गाड़ियां हैं वे इस बात से परेशान हैं कि बिना किसी पर्याप्त चेतावनी या तैयारी के अचानक E20 पेट्रोल आने से उनके इंजन के पार्ट्स को नुकसान पहुंच रहा है।

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