खर्च बढ़ने के कारण माइक्रोसॉफ्ट ने 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

मुंबई- माइक्रोसॉफ्ट अपनी टोटल वर्कफोर्स में करीब 2.1% की कटौती कर रही है, जिसके तहत लगभग 4,800 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। टेक इंडस्ट्री में चल रही छंटनी के बीच विंडोज बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी ने यह फैसला AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च और बिजनेस में एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए लिया है।

बिग टेक कंपनियों का AI पर खर्च इस साल 700 अरब डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसके चलते कंपनियों पर इनवेस्टमेंट का रिटर्न दिखाने और टेक्नोलॉजी को लागू करने में आ रही भारी लागत को कम करने का दबाव बढ़ रहा है। इसी दबाव के कारण इस साल अमेजन और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने भी अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।

साल 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में लगभग 20% की गिरावट आई है, जो साल 2022 के बाद से कंपनी का सबसे खराब छमाही प्रदर्शन है। इससे पहले इसी साल सॉफ्टवेयर दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अमेरिकी वर्कफोर्स के करीब 7% यानी लगभग 9,000 कर्मचारियों को वॉलंटरी बायआउट का ऑफर दिया था।

माइक्रोसॉफ्ट अक्सर जून में अपने फाइनेंशियल ईयर के अंत के करीब नौकरियों में कटौती करती है, क्योंकि इसी समय कंपनी नए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी खर्च योजनाओं को अंतिम रूप देती है। AI की मजबूत मांग के कारण माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग बिजनेस में अच्छी ग्रोथ देखी गई है, जो अप्रैल तक ओपनएआई के मॉडल्स का एक्सक्लूसिव सेलर था।

कंपनी इस महीने के अंत में अपने तिमाही नतीजे घोषित कर सकती है। इससे पहले अप्रैल में कंपनी ने वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से अधिक तिमाही एज्योर रेवेन्यू का अनुमान जताया था। कंपनी ने साल 2026 के लिए 190 बिलियन डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान लगाया है, जो विश्लेषकों की उम्मीदों से काफी ज्यादा है।

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