बिहार और उत्तर प्रदेश की कमाई नेपाल की औसत कमाई से भी काफी नीचे

मुंबई- भारत के पांच राज्य वर्ल्ड बैंक की ‘अपर-मिडल-इनकम’ कैटेगरी में पहुंच गए हैं। वहीं, कुल मिलाकर भारत अभी भी ‘ लोअर-मिडल-इनकम ‘ वाली इकॉनमी बना हुआ है। वर्ल्ड बैंक के क्लासिफिकेशन और राज्यों की इनकम के डेटा से यह पता चला है।

वर्ल्ड बैंक ने इस हफ्ते इनकम लेवल में लगातार सुधार के बाद श्रीलंका, वियतनाम और फिलीपींस को ‘हायर-इनकम’ कैटेगरी में अपग्रेड किया है। हालांकि, भारत अभी भी ‘लोअर-मिडल-इनकम’ देश के तौर पर क्लासिफाइड है। इसके एटलस-मेथड के अनुसार प्रति व्यक्ति इनकम 2,760 डॉलर है। यह ‘लोअर-मिडल-इनकम’ के औसत 2,488 डॉलर से थोड़ा ही ज्‍यादा है। वहीं, ‘अपर-मिडल-इनकम’ की सीमा 4,636 डॉलर से काफी कम है।

देश में $6,217 (करीब ₹5.93 लाख) प्रति व्यक्ति आय के साथ दिल्ली सबसे आगे है। इसके बाद कर्नाटक (₹5.32 लाख), तेलंगाना (₹5.15 लाख), तमिलनाडु (₹5.08 लाख) और गुजरात (₹4.51 लाख) का नंबर आता है। ये पांचों राज्य वर्ल्ड बैंक के अपर-मिडिल इनकम कटऑफ को आसानी से पार कर चुके हैं।

दूसरी ओर, तीन प्रमुख राज्य बहुत मामूली अंतर से इस लिस्ट में आने से चूक गए। महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय ₹4,41 लाख है, जो कटऑफ से सिर्फ $8 यानी 763 रुपए कम रह गई। हरियाणा ₹4,40 लाख के साथ $9 यानी 858 रुपए से चूका, जबकि केरल ₹4,39 लाख के साथ बेंचमार्क से सिर्फ $26 यानी 2,480 रुपए पीछे रह गया।

इसके विपरीत, बिहार $984 (करीब ₹93,895) प्रति व्यक्ति आय के साथ देश का सबसे गरीब बड़ा राज्य बना हुआ है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (₹1.33 लाख) और झारखंड (₹1.40 लाख) का स्थान है। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों की औसत कमाई नेपाल से भी कम है।

साल 1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य वर्ल्ड बैंक के मौजूदा मानकों के तहत मिडिल-इनकम इकोनॉमी में आने की स्थिति में नहीं था। आज कई राज्यों की इनकम साउथ अफ्रीका (₹5.98 लाख), फिजी (₹5.94 लाख) और मंगोलिया (₹5.92 लाख) जैसे देशों के बराबर हो चुकी है। कर्नाटक और तेलंगाना तो इंडोनेशिया (₹4.88 लाख) और वियतनाम (₹4.74 लाख) जैसे देशों से भी आगे निकल चुके हैं।

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