एचडीएफसी बैंक के शेयर में एक लाख का निवेश घटकर रह गया 74,000 रुपये
मुंबई- देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का शेयर 2026 में अब तक 26% तक गिर चुका है। यानी आपने एक लाख रुपये इसके शेयर में लगाया होगा तो यह रकम अब घटकर 74,000 रुपये रह गई है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 18 मार्च 2026 को चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा माना जा रहा है। उनके पद छोड़ने के बाद कॉरपोरेट गवर्नेंस और मैनेजमेंट की स्थिरता को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव ने भी बैंकिंग शेयरों पर दबाव बनाया। इसी वजह से HDFC Bank का शेयर 2 अप्रैल 2026 को 52 हफ्तों के निचले स्तर 726.75 रुपये तक पहुंच गया था। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में बनी अनिश्चितता का असर अब भी शेयर पर देखने को मिल रहा है।
HDFC Bank का शेयर 10 दिन, 20 दिन, 30 दिन, 50 दिन, 100 दिन, 150 दिन और 200 दिन के सभी प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। यही वजह है कि बैंक निफ्टी के 12 शेयरों में HDFC Bank पिछले एक साल में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा है।
गिरावट के बावजूद कई बड़े ब्रोकरेज HDFC Bank को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। JP Morgan ने शेयर पर ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 990 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह 740 रुपये के मौजूदा स्तर से करीब 34% के संभावित उछाल का संकेत देता है। ब्रोकरेज फर्म सिस्टेमैटिक्स ने HDFC Bank के शेयर पर 950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। 740 रुपये के मौजूदा भाव के मुकाबले यह करीब 28% की संभावित तेजी दिखाता है।
निर्मल बंग का कहना है कि यह शेयर 1,037 रुपये तक जा सकता है। यानी 740 रुपये के मौजूदा भाव के मुकाबले यह करीब 40% की संभावित तेजी का संकेत देता है। निर्मल बंग का कहना है कि HDFC Bank ने खुद को टेक्नोलॉजी-फर्स्ट बैंक बनाने के लिए लंबे समय से बड़े निवेश किए हैं। बैंक अब तक टेक्नोलॉजी पर 1 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर चुका है। शेयर में हालिया गिरावट के बावजूद कई ब्रोकरेज मानते हैं कि बैंक के कारोबार की बुनियाद मजबूत है। यही वजह है कि वे अभी भी इस शेयर में अच्छी तेजी की संभावना देख रहे हैं।

