बजाज फाइनेंस के बोर्ड से राजीव बजाज का इस्तीफा, मुनाफा बढ़कर 5,465 करोड़ रुपये

मुंबई- बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में ₹5,465 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है। पिछले साल की इसी तिमाही के ₹4,480 करोड़ के मुकाबले इसमें 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उधर, राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं।

कंपनी के मुनाफे में इस उछाल की बड़ी वजह बैड लोन (फंसे हुए कर्ज) के लिए किए जाने वाले प्रोविजन में कमी आना है। विश्लेषकों ने इस तिमाही में ₹5,490 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था, कंपनी के नतीजे लगभग उसी के आसपास रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू भी 18% बढ़कर ₹21,606 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹18,294 करोड़ था।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि राजीव बजाज ने बोर्ड से हटने की इच्छा जताई है। वे कंपनी की अपकमिंग एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे। ऐसे में 30 जुलाई 2026 को होने वाली AGM के बाद वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद को छोड़ देंगे। बोर्ड ने कंपनी में उनके लंबे योगदान की सराहना की है।

रिजल्ट के साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा भी की है। इसमें ₹0.60 का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है, जो बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों की बिक्री से हुए फायदे के तौर पर दिया जा रहा है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 30 जून 2026 तय की गई है।

बजाज फाइनेंस की लोन बुक यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट में शानदार बढ़त देखी गई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का AUM 21% बढ़कर ₹3,72,986 करोड़ हो गया है, जो एक साल पहले ₹3,08,832 करोड़ था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 20% बढ़कर ₹10,716 करोड़ रही।

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