इस स्मॉलकैप स्टॉक पर विदेशी निवेशक फिदा, 6 गुना बढ़ाया हिस्सा, यह है कारण
मुंबई-पिछले एक साल रियल एस्टेट सेक्टर के स्टॉक्स में सुस्ती दिख रही। लेकिन, AGI Infra Ltd ने बिल्कुल उल्टा प्रदर्शन किया है। इस स्मॉलकैप कंपनी का शेयर एक साल में 126.10% चढ़कर मल्टीबैगर बन गया। 2024 में लिस्टिंग के बाद से इसने 323.85% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 4.64 हजार करोड़ रुपये है।
AGI Infra पंजाब की रियल एस्टेट कंपनी है, जिसकी मौजूदगी जालंधर, लुधियाना और अब न्यू चंडीगढ़ तक फैल चुकी है। कंपनी ने जमीन खरीदकर बैठने की बजाय प्रोजेक्ट पूरा करने पर ध्यान दिया है।
अब तक कंपनी 10 प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी है, जिनका कुल एरिया 95 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा है। वहीं 10 प्रोजेक्ट्स अभी निर्माणाधीन हैं। इसका मतलब है कि कंपनी लगातार काम कर रही है, प्रोजेक्ट पूरे हो रहे हैं और इन्वेंट्री भी बिक रही है। यह इस सेक्टर का सबसे बड़ा जोखिम होता है।
AGI Infra की ग्रोथ अचानक नहीं आई, बल्कि धीरे-धीरे और लगातार बनी है। बाजार ने इसी को सराहा है। रेवेन्यू FY23 में करीब ₹241 करोड़ था, जो FY25 में बढ़कर ₹325 करोड़ तक पहुंच गया। पिछले तीन साल में सेल्स 18% और मुनाफा 22.3% की दर से बढ़ा है।
पहले AGI Infra को एक छोटा और कम चर्चित स्मॉलकैप स्टॉक माना जाता था। लेकिन जैसे-जैसे कंपनी ने समय पर प्रोजेक्ट पूरे किए और मुनाफा बढ़ाया, बाजार का नजरिया बदलने लगा। न्यू चंडीगढ़ में ‘Utopia by AGI’प्रोजेक्ट की मंजूरी ने कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को और मजबूत किया। इससे यह संकेत मिला कि कंपनी अपने मौजूदा बाजार से बाहर भी विस्तार कर सकती है।
विदेशी निवेशकों का भरोसा भी इस स्टॉक में बढ़ा है। मार्च 2025 में जहां FII की हिस्सेदारी सिर्फ 0.58% थी, वह दिसंबर 2025 तक 0.8% और मार्च 2026 में बढ़कर 4.8% हो गई। यानी पिछली तिमाही से हिस्सेदारी 6 गुना बढ़ी है। AGI Infra ने ₹265 प्रति शेयर के हिसाब से करीब ₹75 करोड़ जुटाए। इससे आगे की ग्रोथ के लिए फंड मिला और निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

