आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाया, अब 6.5 फीसदी
मुंबई- इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अंदाजा के मुकाबले ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। 2026-27 के लिए इसने भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में 6.4% रहने का अनुमान जताया था।
IMF ने कहा कि अनु्मान बढ़ाने के पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला कारण 2025 में भारतीय इकोनॉमी का शानदार प्रदर्शन और दूसरा अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर अतिरिक्त टैरिफ को 50% से घटाकर 10% करना। IMF का मानना है कि इन दो सकारात्मक कारणों का असर पश्चिम एशिया संकट से होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा होगा।
भारत सरकार और IMF के आंकड़ों में काफी अंतर है। भारत सरकार का अनुमान है कि 2025-26 में इकोनॉमी 7.6% की रफ्तार से बढ़ेगी। यह IMF के पुराने अनुमान से 1% ज्यादा है। हालांकि, IMF ने कहा है कि साल 2027 में भी भारत की विकास दर 6.5% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है।
IMF ने महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। भारत में महंगाई की दर में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। 2025-26 में जहां महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है। 2026-27 में यह बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक यह वापस रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मिड-पॉइंट यानी 4% के करीब आ सकती है।
IMF का कहना है कि चीन में महंगाई निचले स्तरों से बढ़ना शुरू होगी। वहीं भारत में 2025 के दौरान फूड प्राइसेज (खाने-पीने की चीजों की कीमतों) में आई कमी की वजह से महंगाई काफी नीचे रहेगी, लेकिन इसके बाद यह फिर से टार्गेट लेवल की तरफ बढ़ेगी।

