दिल्ली का यह कारोबारी हर दिन लोगों को दान करता है 5 करोड़ रुपये से ज्यादा
मुंबई- देश की टॉप आईटी कंपनियों में शामिल एचसीएल टेक्नोलॉजीज के फाउंडर और चेयरमैन एमिरेटस शिव नाडर दिल्ली के सबसे अमीर शख्स हैं। उनकी नेटवर्थ 36.8 अरब डॉलर है। वह मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और शापूर मिस्त्री के बाद भारत के सबसे अमीर शख्स हैं। लेकिन चैरिटी यानी पैसा दान देने के मामले में वह इन सब पर भारी हैं। नाडर ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में 2,042 करोड़ रुपये का दान दिया। यानी उन्होंने हर दिन 5.6 करोड़ रुपये दान किए।
शिव नाडर का जन्म 14 जुलाई, 1945 को तमिलनाडु में थुटुकुड़ी जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। बचपन में उन्हें आर्थिक दिक्कतों के सामना करना पड़ा। कोयंबटूर के पीएसजी कॉलेज से इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर की डिग्री लेने के बाद उन्होंने 1967 में पुणे के वालचंद ग्रुप के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के डीसीएम ग्रुप के साथ एक कंप्यूटर प्रोग्रामर के तौर पर नौकरी की। लेकिन नौकरी में मन नहीं रमा और साल 1976 में नाडर ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर 187,000 रुपये के निवेश से एचसीएल की स्थापना की।
हिंदुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड यानी एचसीएल की शुरुआत एक गैराज से हुई। शुरुआत में यह कंपनी कैलकुलेटर बनाती थी। नाडर की लीडरशिप में कंपनी ने दिन दोगुना चार चौगुनी प्रोग्रेस की और जल्दी ही एक ग्लोबल आईटी सर्विसेज कंपनी बन गई।
आज एचसीएल की 60 से भी ज्यादा देशों में मौजूदगी है और इसमें 2,22,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। जुलाई 2020, में नाडर ने कंपनी के चेयरमैन का पद छोड़ दिया और इसकी कमान अपनी बेटी रोशनी नाडर मल्होत्रा के हाथों में सौंप दी। वह कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस और स्ट्रैटजिक एडवाइजर हैं। आईटी सेक्टर में महत्वपूर्ण योगदान के लिए साल 2008 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
78 साल के शिव नाडर देश के दानवीरों की लिस्ट में लगातार दूसरे साल नंबर वन पर रहे। नाडर ने 1994 में शिव नाडर फाउंडेशन (Shiv Nadar Foundation) की स्थापना की थी जो शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम करता है। कोरोना काल में भी उन्होंने बढ़-चढ़ कर दान दिया था।

