निवेश को सही तरह से मैनेज करें और घर में बता कर रखें

मुंबई– कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी का खतरा मंडराने लगा है। आने वाले एक-दो महीने में तीसरी लहर आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में आपको वित्तीय समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए आपको अभी से तैयारी करने की जरूरत है।  

अगर किसी वजह से आप आर्थिक संकट के शिकार बन जाते हैं तो आपको अपने घर खर्च के लिए कम से कम 3 महीने के लिए जरूरी रकम एक इमरजेंसी फंड में रखना चाहिए। यह फंड आप बैंक के सेविंग अकाउंट या म्यूचुअल फंड के लिक्विड फंड में बना सकते हैं। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी में ही करें। 

मेडिकल इंश्योरेंस आपको समय पर पर्याप्त मदद मुहैया कराता है। आर्थिक संकट के दौर में अगर आप या आपके परिजनों के सामने कोई मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति आती है तो आप हेल्थ पॉलिसी के दम पर इसे आसानी से पार कर पाएंगे।  

आपने जहां भी और जितना भी निवेश कर रखा है इसकी सही जानकारी रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप उन्हें भुना सकें। इसके अलावा इसकी जानकारी अपने परिवार को भी दें। ताकि वो विपरीत समय में उसका उपयोग कर सके। अगर आप अपने जीवन साथी को अपने निवेश या सम्पत्ति के जानकारी नहीं देते हैं और आपको कुछ हो जाता है तो वो उनके काम नहीं आ सकेगी और आपका निवेश किसी काम का नहीं रहेगा। 

अगर आपके अपने बैंक अकाउंट, इन्वेस्टमेंट या बीमा पॉलिसी के लिए किसी को नॉमिनी नहीं बनाया है तो आज ही बना दें। नॉमिनी का काम उस व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही शुरू होता है जिसके नाम बीमा पॉलिसी या अन्य संपत्ति है। इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस के पैसे निकालना आसान नहीं होता। ऐसे में नॉमिनी के रहने से यह प्रक्रिया आसान हो जाती है। नॉमिनी बनाए ही इसीलिए जाते हैं, ताकि आपके न रहने पर आपने परिवार वालों को कानूनी पचड़ों में न पड़ना पड़े। 

भविष्य में पैसों को लेकर आपको ज़्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए निवेश के सही विकल्प चुनें और अगर पहले से निवेश कर रहे हैं तो उसे बंद न करें। मंथली निवेश या सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बहुत जरूरी है। इसके जरिए आप आसानी से भविष्य की जरूरतों को लेकर फंड तैयार कर सकेंगे। इसके अलावा अपने लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल्स का भी ध्यान रखें। 

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