एसबीआई का कर्ज महंगा, नई दरें तुरंत लागू, अब ज्यादा देनी होगी किस्त
मुंबई- SBI ने बड़ा झटका दिया है। बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट यानी EBLR और रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट यानी RLLR में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। इससे आपकी मासिक किस्त में बढ़त होगी।
SBI ने MCLR में भी इजाफा किया है। तीन महीने से तीन साल तक की अवधि के MCLR में 15 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। हालांकि, ओवरनाइट और एक महीने की दरों में बदलाव नहीं हुआ है। नई दरें 15 अक्टूबर, 2026 से ही लागू हैं।
MCLR बैंक का इंटरनल लेंडिंग बेंचमार्क है। इससे जुड़े लोन की ब्याज दर तय करने में बैंक की फंड जुटाने की लागत सहित कई बातें ध्यान में रखी जाती हैं। एक साल की MCLR अब 8.85 फीसदी हो गई है, जो पहले 8.70 फीसदी थी। तीन साल की दर बढ़कर 8.95 फीसदी पहुंच गई है। ये बेंचमार्क दरें हैं, ग्राहक के लोन की अंतिम ब्याज दर अलग हो सकती है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI ने दोनों बेंचमार्क में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। SBI की ओर से इस बढ़ोतरी का असर ग्राहकों के इस बात पर निर्भर करेगा कि लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है। EBLR या RLLR से जुड़े लोन पर संबंधित बेंचमार्क की बढ़ोतरी लागू होगी। वहीं, MCLR से जुड़े लोन में चुनी गई अवधि की दर अहम होगी।
बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक ने अक्टूबर पॉलिसी में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके तहत दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी किया, जो बढ़कर 5.5 फीसदी कर दिया। बैंक रेपो रेट बढ़ने से उससे जुड़े लोन की ब्याज दर भी बढ़ती है।

