अगले साल बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में मिल सकती है भारी राहत

मुंबई- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार बजट से पहले होने वाली चर्चाओं में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स यानी LTCG टैक्स हटाने को लेकर मिलने वाले सुझावों को सुनने के लिए तैयार है। वित्त-मंत्री ने ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ में कहा, देश और विदेश दोनों तरह के निवेशक इक्विटी पर लगने वाले LTCG टैक्स और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

अगर आप शेयर या म्यूचुअल फंड 1 साल से ज्यादा रखकर बेचते हैं, तो होने वाले फायदे पर LTCG टैक्स लगता है। इसमें 1.25 लाख की छूट होती है। बाकी पर 12.5 पर्सेंट का टैक्स लगता है। एक साल से कम समय वाले निवेश के मुनाफे पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स के रूप में 20 पर्सेंट का टैक्स लगता है।

बाजार में STT और अलग-अलग एसेट क्लासेज को एक समान तरीके से ट्रीट करने के सवाल पर काफी बहस हो रही है। इस तरह की बहस होना काफी हेल्थी है और सरकार बजट चर्चा में इस पर सुझाव सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है।सरकार ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन वे बजट की बैठकों में निवेशकों और एक्सपर्ट्स के सुझावों पर विचार करने के लिए सहमत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत न केवल AI पर काम कर रहा है, बल्कि उन सेक्टर्स को भी मजबूत बना रहा है जो AI को सक्षम बनाते हैं। इसमें सेमीकंडक्टर चिप्स, डिजाइन और पैकेजिंग शामिल हैं। सरकार ने एडवांस, फाइनर-नैनोमीटर चिप्स के साथ-साथ उन बेसिक चिप्स को बनाने का भी फैसला किया है जो पूरी अर्थव्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग पर वित्त मंत्री ने बताया कि 2019 के आखिरी में लॉन्च किया गया नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) अब $4.5 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर चुका है। इसके अलावा, फंड जुटाने और प्रोजेक्ट्स को तेजी देने में इन दो संस्थानों- नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) ने अहम भूमिका निभाई है।

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