शेयर बाजार में टूटा 2008 का रिकॉर्ड, लगातार सात हफ्तों तक निफ्टी टूटा

मुंबई- शेयर बाजार की इस बार की गिरावट ने 2008 की वैश्विक मंदी को भी पीछे छोड़ दिया है। हालात यह है कि इस बार अब तक लगातार सात हफ्तों तक बाजारों में भारी गिरावट रही है। इससे निवेशकों को लाखो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

आंकड़ों के अनुसार, 19 मई, 2008 से 30 जून 2008 के बीच लगातार सात हफ्तों तक बाजार में गिरावट रही। इस दौरान यह 22 फीसदी गिर गया। 23 अप्रैल, 2012 से मई, 2012 के बीच लगातार 6 हफ्तों तक बाजार में गिरावट रही और 8.2 फीसदी गिरकर बंद हुआ। 21 जनवरी, 2013 से 25 फरवरी 2013 के बीच लगातार 6 हफ्ते तक गिरावट रही और बाजार 6 पर्सेंट टूट गया। 22 जुलाई 2013 से 26 अगस्त 2013 के बीच 6 हफ्तों की गिरावट में बाजार 9 पर्सेंट से ज्यादा गिरा। 30 जून 2025 से 4 अगस्त 2025 के बीच 6 हफ्तों की गिरावट में बाजार में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज गई। इस बार 3 अगस्त 2026 से अब तक लगातार 7 हफ्ते की गिरावट में बाजार 6 पर्सेंट तक टूट गया है।

सितंबर, 2024 से बात करें तो निफ्टी-50 में 11 पर्सेंट की गिरावट आई है। मिडकैप 150 मामूली बढ़ा है जबकि स्मॉलकैप 1.6 पर्सेंट गिरा है। फरवरी-अप्रैल 2020 में कोविड-19 के कारण आई गिरावट के बाद से यह निफ्टी में लगातार गिरावट का सबसे लंबा दौर है। उस समय भी महामारी की वजह से दुनिया भर में हुई बिकवाली के बीच सूचकांक लगातार सात हफ्तों तक गिरा था।

निफ्टी शुक्रवार को 23,140.50 पर बंद हुआ। यह अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 26,373 से 12.3 फीसदी नीचे है। यह हफ्ता काफी हलचल भरा रहा और कई ऐसी घटनाएं हुईं जिनका बेंचमार्क सूचकांकों पर असर रहा। इनमें टाटा समूह में चल रही खींचतान और भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा बीमा वितरण पर कमीशन घटाने की खबर से बीमा कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।

पश्चिम एशिया में तनाव से ब्रेंट क्रूड की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इस हफ्ते एनएसई की लिस्टिंग भी हुई लेकिन इसका शेयर अपने लिस्टिंग मूल्य 1,792 रुपये से 0.39 फीसदी नीचे आ गया।

ब्रेंट क्रूड की कीमत सप्ताह के दौरान 11.5 फीसदी घटकर 98.59 डॉलर प्रति बैरल रह गई। 18 सितंबर को यह 111.35 डॉलर प्रति बैरल थी। भारत की बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड सप्ताह के दौरान 5 आधार अंक बढ़कर 7.11 फीसदी पहुंच गई। यह 18 मई के बाद यील्ड सबसे ऊंचा बंद हुआ है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से इसमें 46 आधार अंक और पिछले एक साल में 62 आधार अंक की बढ़ोतरी हुई है। इस हफ्ते रुपये में मामूली नरमी आई और यह 0.06 फीसदी फिसलकर 95.82 प्रति डॉलर रहा।

सप्ताह के दौरान आईटी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 48,435 करोड़ रुपये और बीमा कंपनियों के बाजार मूल्य में 7,000 करोड़ रुपये की कमी आई। बीमा वितरण कंपनी पीबी फिनटेक के बाजार मूल्य में पूरे सप्ताह के दौरान 28,000 करोड़ रुपये या 33 फीसदी की गिरावट आई।

बढ़ती बॉन्ड यील्ड का सबसे ज्यादा असर बीमा शेयरों पर पड़ा। बीएसई इंश्योरेंस इंडेक्स सप्ताह के दौरान 2 फीसदी गिरकर 1,486.5 पर आ गया टाटा समूह की 23 सूचीबद्ध कंपनियों में से 18 के शेयरों में गिरावट आई। इन कंपनियों के बाजार मूल्य में कुल 40,681 करोड़ रुपये की कमी आई। हालांकि टाइटन और टाटा स्टील समेत पांच अन्य कंपनियों में बढ़त ने समूह के कुल नुकसान को कुछ कम कर दिया।

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