पॉलिसीबाजार के शेयरों में म्यूचुअल फंड निवेशकों को 11,000 करोड़ रुपये का घाटा

मुंबई- बीमा नियामक इरडाई के फैसले ने म्यूचुअल फँड निवेशकों को भी निराश कर दिया है। पिछले दो कारोबारी सत्र में पीबी फिनटेक के शेयरों में भारी गिरावट के कारण म्युचुअल फंड (एमएफ) निवेशकों को लगभग 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

अगस्त के आखिर में म्युचुअल फंडों के पास पीबी फिनटेक के कुल 15.15 करोड़ शेयर थे। मंगलवार के कारोबारी सत्र के आखिर में इन शेयरों की वैल्यू 28,561 करोड़ रुपये थी, जो पिछले दो कारोबारी सत्रों में करीब 38 फीसदी गिरकर 10,914 करोड़ रुपये रह गई है।

ऑनलाइन बीमा योजनाओं की यह वितरक उन कंपनियों में शामिल है, जिनमें म्युचुअल फंडों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। अगस्त के आखिर तक कुल शेयर पूंजी का 33 फीसदी हिस्सा म्युचुअल फंडों के पास था। अगस्त 2026 तक 329 ऐक्टिव और पैसिव योजनाओं के पास ये शेयर थे।

म्युचुअल फंडों में एचडीएफसी मिडकैप फंड, एचडीएफसी फ्लेक्सीकैप फंड, मिरे ऐसेट लार्ज ऐंड मिडकैप फंड, मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड और मिरे ऐसेट ईएलएसएस टैक्स सेवर फंड के पास इस कंपनी के सबसे ज्यादा शेयर थे। अगस्त के आखिर तक उनकी होल्डिंग की मार्केट वैल्यू 1,835 करोड़ रुपये से 865 करोड़ रुपये के बीच थी।

एचडीएफसी एमएफ ने गुरुवार को बाजार में गिरावट के दौरान कंपनी में 321 करोड़ रुपये का निवेश करके अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। प्रबंधनाधीन शुद्ध परिसंपत्तियों के प्रतिशत के हिसाब से सेक्टर और थीम-बेस्ड फंडों का इसमें सबसे ज्यादा निवेश था। 31 अगस्त, 2026 तक मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड की परिसंपत्तियों का 6.9 फीसदी हिस्सा इस कंपनी में निवेशित है। फ्रैंकलिन इंडिया टेक्नॉलजी फंड का निवेश 5.5 फीसदी था।

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