स्काइवेज एयर ने किया मायूस, शेयर 10 प्रतिशत नीचे हुआ लिस्ट, और गिरेगा
मुंबई- मेनबोर्ड सेगमेंट में स्काईवेज एयर सर्विसेज के शेयर ने निवेशकों को निराश किया है। BSE पर शेयर 9.7 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 124.50 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 138 रुपये प्रति शेयर था। बाद में शेयर BSE पर लिस्टिंग प्राइस से करीब 1 प्रतिशत बढ़त के साथ 125.65 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का 582.80 करोड़ रुपये का IPO 24 अगस्त को खुला था और 27 अगस्त को बंद हुआ। यह कुल 71.25 गुना भरा था।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 139.69 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 87.24 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 25.40 गुना सब्सक्राइब हुआ।
स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड (SASL) एक जानी-मानी लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी है। एक फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी लॉजिस्टिक्स मैनेजर की तरह काम करती है। ऐसी कंपनी आमतौर पर खुद माल को एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जाती, बल्कि ग्राहक की ओर से माल ढोने की जगह (शिपमेंट स्पेस) बुक करती है, सीमा शुल्क की प्रक्रिया संभालती है और अलग-अलग परिवहन कंपनियों के जरिए माल को हवाई, समुद्री, सड़क या रेल मार्ग से पहुंचाने की व्यवस्था करती है।
SASL लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई तरह की सेवाएं देती है, जैसे कि एयर और ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, ट्रकिंग, कस्टम्स ब्रोकिंग, वेयरहाउसिंग, टेक्नोलॉजी पर बेस्ड एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी, और अन्य वैल्यू-एडेड सेवाएं। कंपनी की बाजार में मजबूत स्थिति और ग्लोबल कनेक्टिविटी है।
SASL अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी Forin Container Line Pvt.Ltd. का कर्ज चुकाने के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹174.54 करोड़ जुटाए।
SASL का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 25 प्रतिशत बढ़कर ₹2,839.67 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹63.52 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹2,270.99 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹48.14 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹624 करोड़ की उधारी थी।

