सिंबायोटेक के निवेशकों को भारी घाटा, 988 के मुकाबले सस्ते भाव पर लिस्ट
मुंबई- फार्मा सेक्टर से जुड़े इनग्रेडिएंट्स और प्रोडक्ट्स बनाने वाली सिंबॉयोटक फार्मालैब के शेयरों ने निवेशकों को निराश किया है। 75 गुना से अधिक बोली पाने वाले इस शेयर की लिस्टिंग 978 रुपये पर हुई। आईपीओ में यह 988 रुपये के भाव पर अलॉटमेंट हुआ था।
यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि बीएसई पर तो करीब 1% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे गए लेकिन निचले स्तर इसने शानदार रिकवरी की। टूटकर BSE पर यह ₹933.80 तक आया था, जिससे रिकवर होकर यह ₹1,173.80 तक पहुंचा था। इस ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के चलते भाव थोड़े नरम पड़े और दिन के आखिरी में यह ₹1095.95 (Symbiotec Share Price) पर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 10.93% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹90 के डिस्काउंट पर मिला है।
सिंबॉयोटक का ₹1757 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-27 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 75.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 181.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 77.56 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 13.69 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 16.32 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,62,65,181 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹112.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹29.53 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹105.02 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
सिंबॉयोटिक APIs (एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स), न्यूट्रिशनल इनग्रेडिएंट्स और स्पेशल्टी प्रोडक्ट्स बनाती है। इसका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹100.06 करोड़ का शुद्ध मुनाफा मिला था जोकि अगले वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹96.79 करोड़ रह गया और फिर अगले वित्त वर्ष 2026 में यह रिकवर होकर ₹109.90 करोड़ पर पहुंच गया।

