एक कप चाय के जितना मिल रहा कमीशन, नहीं बढ़ रहे म्यूचुअल फंड एजेंट

मुंबई- म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने पिछले पांच वर्षों में करीब 135 फीसदी की तेज वृद्धि दर्ज की है, लेकिन इसके मुकाबले म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर (MFD) नेटवर्क का विस्तार काफी धीमा रहा है। वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2026 के बीच म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर की संख्या करीब 2.43 लाख से बढ़कर 3.40 लाख हुई है, यानी इसमें लगभग 40 फीसदी का ही इजाफा हुआ।

हालांकि, अभी भी एक्टिव डिस्ट्रीब्यूटरों की संख्या महज एक लाख ही है। इसका कारण यह है कि बीमा या बैंक लोन की तुलना में फंड वितरकों को काफी कम कमीशन मिलता है। एक एसआईपी कराने पर एक कप चाय जितना भी कमीशन नहीं मिल पाता है।

खासतौर पर छोटे शहरों और राज्यों में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की पहुंच अभी भी सीमित है। करीब 10 राज्यों में हर 10,000 की आबादी पर केवल एक म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर उपलब्ध है, जबकि लगभग 20 राज्यों में यह संख्या दो से भी कम है।

बिहार में हर 10,000 की आबादी पर वितरकों की संख्या सबसे कम 0.1 है। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय और असम भी इस श्रेणी में शामिल हैं। 10 राज्यों में हर 10,000 की आबादी पर म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों की संख्या एक से दो के बीच है। इनमें उत्तर प्रदेश, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, राजस्थान और दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं।

हालांकि, चंडीगढ़, गोवा, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा में म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों की पहुंच अपेक्षाकृत अधिक है। इन छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हर 10,000 की आबादी पर तीन से अधिक म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर हैं। चंडीगढ़ में यह संख्या 10.2 और गोवा में 10 है, जबकि दिल्ली में प्रति 10,000 की आबादी पर 7.2 डिस्ट्रीब्यूटर उपलब्ध हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, AMFI में पंजीकृत AMFI रजिस्ट्रेशन नंबर (ARN) धारकों की संख्या मार्च 2021 में 1.10 लाख थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 1.99 लाख हो गई। ARN म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों को दिया जाने वाला पंजीकरण नंबर है। इनमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट दोनों तरह के ARN धारक शामिल हैं।

व्यक्तिगत ARN धारकों की हिस्सेदारी कुल पंजीकृत ARN धारकों में करीब 95 फीसदी रही। इनकी संख्या मार्च 2021 के 1.03 लाख से बढ़कर मार्च 2026 में 1.88 लाख हो गई, यानी करीब 80 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में AMFI के ‘MFD करें शुरू’ अभियान से व्यक्तिगत ARN धारकों की संख्या बढ़ी।

हाल के दो वर्षों में कॉरपोरेट ARN धारकों की संख्या में तेजी देखी गई। मार्च 2025 में यह संख्या सालाना आधार पर 25 फीसदी और मार्च 2026 में 24 फीसदी बढ़ी। मार्च 2024 में प्रोविजनल ARN की शुरुआत के बाद नए कॉरपोरेट संस्थानों को NISM प्रमाणित कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले पंजीकरण की सुविधा मिली।

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