निफ्टी इस तारीख तक जा सकता है 30,000 के पार, यह है इसका बड़ा कारण,

मुंबई- भारतीय बाजार के जानकार मान रहे कि भले ही इस साल ग्लोबल इंडेक्स के मुकाबले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स का परफॉर्मेंस कमजोर रहा हो लेकिन आगे मजबूती देखने को मिल सकती है। एनलिस्ट्स निफ्टी 50 के लिए बुलिश केस में 30,000 तक का टारगेट दे रहे हैं।

विदेशी बाजारों के मुकाबले घरेलू बाजारों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर 2024 के रिकॉर्ड हाई से निफ्टी 50 करीब 8 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा। 2026 में अब तक सेंसेक्स 9.1 फीसदी और निफ्टी 7.4 फीसदी उछल चुके हैं। जबकि जापान का निक्केई 31 फीसदी, अमेरिका का डाओ 11 फीसदी और नैस्डैक 12 फीसदी से ज्यादा उछले। घरेलू बाजारों के कमजोर परफॉर्मेंस के पीछे बैंकिंग और आईटी जैसे हाई वेटेज सेक्टर्स का अंडरपरफॉर्मेंस भी हैं।

विदेशी निवेशकों ने भी AI थीम में निवेश के लिए भारतीय बाजार से निकासी किए। PL कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2026 में अब तक 2.54 लाख करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि, जुलाई में नेट खरीदारी रहे और 20200 करोड़ रुपये की खरीदारी की। जबकि अगस्त में अब तक 27,186 करोड़ के निवेश आ चुके हैं।

भारत में AI से जुड़े निवेश न आना और FIIs की लगातार बिकवाली की वजह से ग्लोबल बाजारों के मुकाबले घरेलू बाजारों कमजोर रहे। 27 सितंबर 2024 को निफ्टी 50 ने 26,277.35 का ऑल टाइम हाई बनाया। फिर वहां से करीब 8 फीसदी टूटकर गया है।

FY27 की पहली तिमाही में भारतीय कंपनियों का परफॉर्मेंस अच्छी रही। इस दौरान अर्निंग ग्रोथ पटरी पर लौटती नजर आ रही। सनी अग्रवाल ने कहा कि FY27 और FY28 में अर्निंग ग्रोथ वापस डबल डिजिट लेवल पर आ सकती है। पीएल कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक जून तिमाही की शुरुआत अनुमान से बेहतर रही। निफ्टी 50 का PAT ग्रोथ सालाना आधार पर करीब 12 फीसदी रही। आगे के लिए प्रति शेयर कमाई यानी EPS कटौती मध्यम रह सकती है। इसकी वजह सुधरती डिमांड कमेंट्री है।

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