नोबल हाइजीन ने आईपीओ के लिए आईपीओ के लिए सेबी के पास जमा किया मसौदा
मुंबई- वित्त वर्ष 2026 में शुद्ध रूप से ब्रांडेड कंपनियों के बीच मूल्य के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी घरेलू ब्रांडेड एब्जॉर्बेंट हाइजीन उत्पाद निर्माता नोबल हाइजीन लिमिटेड ने आईपीओ के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है। कंपनी ने भारत में वयस्कों के लिए एब्जॉर्बेंट हाइजीन श्रेणी की शुरुआत की थी और वयस्क, शिशु तथा महिला एब्जॉर्बेंट हाइजीन खंडों में विविध उपस्थिति बनाई है।
इस निर्गम में 150 करोड़ रुपये तक का नया निर्गम और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 15,511,082 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। इसमें कमल कुमार जोहरी और कामिनी कमल जोहरी (प्रवर्तक विक्रय शेयरधारक) तथा ऑर्बिट इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, सिक्स्थ सेंस इंडिया ऑपर्च्युनिटीज़ III, बेनेट ट्रेडिंग एलएलपी, मनीष धरनेंद्र लडगे, सीमा मनीष लडगे और लशित लल्लुभाई संघवी (निवेशक विक्रय शेयरधारक) शामिल हैं।
आईपीए से जुटाई जाने वाली शुद्ध राशि का उपयोग कुछ बकाया ऋणों के पूर्व भुगतान/पुनर्भुगतान, सहायक कंपनी नोबल हाइजीन बड़ौदा (एनएचबीपीएल) में निवेश, मौजूदा हलोल भूमि के भीतर ब्राउनफील्ड विनिर्माण-सह-भंडारण सुविधा स्थापित करके हलोल में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आंशिक फाइनेंस और वयस्क डायपर मशीन लाइन की खरीद और स्थापना के लिए किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी किया जाएगा।
नोबल हाइजीन की विरासत दो दशकों से अधिक पुरानी है और कंपनी फ्रेंड्स, बी-फिट, टेड्डी, स्नगी और रियो ब्रांडों के माध्यम से वयस्क, शिशु तथा महिला एब्जॉर्बेंट हाइजीन उत्पादों के क्षेत्र में काम करती है। 31 मार्च 2026 तक उसके उत्पाद पोर्टफोलियो में 1,158 से अधिक एसकेयू शामिल थे, जिनमें वयस्क डायपर, शिशु डायपर, अंडरपैड, इंसर्ट पैड, मातृत्व पैड, बेड बाथ टॉवल, गीले वाइप्स और सैनिटरी पैड शामिल हैं। मूल्य के आधार पर फ्रेंड्स भारत का सबसे बड़ा वयस्क एब्जॉर्बेंट हाइजीन ब्रांड है, जबकि कंपनी ने विभिन्न मूल्य स्तरों और उपयोग संबंधी जरूरतों के अनुरूप विविध उत्पाद पोर्टफोलियो विकसित किया है।
कंपनी ने संगठित एब्जॉर्बेंट हाइजीन बाजार में मजबूत स्थिति स्थापित की है। वित्त वर्ष 2026 में वयस्क एब्जॉर्बेंट हाइजीन उत्पादों का परिचालन से प्राप्त राजस्व में 49.25 प्रतिशत और शिशु एब्जॉर्बेंट हाइजीन उत्पादों का 45.32 प्रतिशत योगदान रहा। फ्रेंड्स और टेड्डी ने परिचालन से प्राप्त राजस्व में क्रमशः 37.85 प्रतिशत और 39.63 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि बी-फिट का योगदान 10.83 प्रतिशत रहा।
कंपनी नासिक और हलोल स्थित अपनी इकाइयों में लगभग 19 एकड़ क्षेत्र में 14 विनिर्माण लाइनों का संचालन करती है। इनकी कुल वार्षिक स्थापित उत्पादन क्षमता 18.90 करोड़ इकाई है, जिसमें वयस्क डायपर, शिशु डायपर और अंडरपैड शामिल हैं। कंपनी का देश में वितरण नेटवर्क 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2.7 लाख खुदरा दुकानों तक फैला हुआ है, जिसे 296 से अधिक स्टॉकिस्ट और 418 वितरकों का समर्थन प्राप्त है। कंपनी श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस सहित 19 देशों को अपने उत्पादों का निर्यात भी करती है।
कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2025 के 739.14 करोड़ रुपये से 14.56 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 846.75 करोड़ रुपये हो गया। एबिट्डा 65.57 करोड़ से बढ़कर ₹84.76 करोड़ हो गया। कंपनी का फायदा वित्त वर्ष 2025 के ₹2.28 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹18.91 करोड़ हो गया। उत्पाद मार्जिन भी वित्त वर्ष 2025 के 42.13 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 44.43 प्रतिशत हो गया।
डीआरएचपी के अनुसार, भारत का वयस्क एब्जॉर्बेंट हाइजीन बाजार एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर में है। वित्त वर्ष 2026 में इस बाजार का मूल्य ₹2,050-2,150 करोड़ था और वित्त वर्ष 2020 से इसमें लगभग 26 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर रही है। अनुमान है कि यह बाजार वित्त वर्ष 2031 तक ₹5,400-6,100 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो 21-23 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से संभावित उपयोगकर्ता आधार के विस्तार और उत्पादों की बढ़ती पहुंच से प्रेरित होने की उम्मीद है।

