डिवीज लैब का शेयर जाएगा 11,000 रुपये के पार, जानिए इसका प्रमुख कारण
मुंबई- दवा बनाने वाली कंपनी Divi’s Laboratories के शेयर सोमवार, 3 अगस्त को अपर सर्किट पर पहुंच गए और क्लोजिंग सेशन में 6.57% की बढ़त के साथ 8,585.00 रुपये पर बंद हुए।
अब तीन ब्रोकरेज फर्मों ने Divi’s Laboratories के लिए ₹10,000 से ज़्यादा का टारगेट प्राइस तय किया है। शुक्रवार तक, Macquarie ही एकमात्र ऐसी ब्रोकरेज फर्म थी जिसका टारगेट प्राइस ₹10,000 से ऊपर था। अब Citi ने अपना टारगेट बढ़ाकर ₹11,700 कर दिया है, जबकि Jefferies ने अपना टारगेट बढ़ाकर ₹10,200 कर दिया है, जो Macquarie के टारगेट के बराबर है।
कंपनी ने रेवेन्यू और कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 40.7% हो गया, जो कई तिमाहियों में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान भी दोहराया, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि तिमाही परफॉर्मेंस में उतार-चढ़ाव हो सकता है और इसे पूरे साल के आधार पर आंका जाना चाहिए।
बाजार का मानना है कि इस बेहद मजबूत तिमाही परफॉर्मेंस में कस्टम सिंथेसिस कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत मिलने वाले वन-ऑफ माइलस्टोन या वैलिडेशन बैच पेमेंट का भी योगदान हो सकता है, जिससे मार्जिन में भारी उछाल आया।
Macquarie ने ₹10,200 के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड नेट प्रॉफ़िट उसके अनुमानों से क्रमशः 10%, 33% और 30% ज़्यादा रहे। इस मजबूत परफॉर्मेंस का श्रेय कस्टम सिंथेसिस बिज़नेस में साल-दर-साल 45% की बढ़ोतरी को दिया गया। इस बिज़नेस का कुल रेवेन्यू में लगभग 60% योगदान रहा।

